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साइबर ठगी का अनूठा तरीकाः बच्चा पैदा करो और 10 लाख नगद पाओ

राजगीर (नालंदा दर्पण)। साइबर अपराधी हर दिन नए-नए तरीकों से लोगों की मेहनत की कमाई पर डाका (साइबर ठगी) डाल रहे हैं। इनके ठगी के तरीके इतने अनोखे और चालाकी भरे हैं कि मामला सामने आने पर पुलिस भी आश्चर्यचकित रह जाती है। नालंदा जिले में पुलिस ने एक ऐसे ही सनसनीखेज साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश किया है। जिसमें अपराधी बेरोजगार युवाओं को “एक बच्चा पैदा करने पर 10 लाख रुपये” देने का लालच देकर ठगी कर रहे थे।

सिलाव थाना पुलिस ने इस मामले में दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अपराधी कदमतर गांव निवासी सुरेंद्र सिंह के पुत्र टंडन कुमार और अभय कुमार के पुत्र सचिन कुमार हैं। पुलिस ने इनके पास से 6 मोबाइल फोन और दो सिम कार्ड बरामद किए हैं। जब्त मोबाइल फोनों की जांच में ठगी से संबंधित कई अहम सबूत मिले हैं।

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ अपराधी “बेबी एग्रीमेंट” के नाम पर ठगी का जाल बिछा रहे हैं। इस सूचना के आधार पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने कदमतर गांव में छापेमारी कर दोनों अपराधियों को धर दबोचा।

जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसा रहा था। अपराधी महिलाओं की तस्वीरों के साथ भ्रामक विज्ञापन पोस्ट करते थे। जिसमें लिखा होता था- “एक बच्चा पैदा करें और 10 लाख रुपये पाएं।” इच्छुक लोगों से अपना मोबाइल नंबर दर्ज करने को कहा जाता था। लालच में आए लोग अपना नंबर पोस्ट पर डाल देते थे। इसके बाद ठगी का सिलसिला शुरू होता था।

अपराधी पहले रजिस्ट्रेशन शुल्क के नाम पर 450 रुपये, आईडी के लिए 1100 रुपये, वेरिफिकेशन के लिए 2500 रुपये, एग्रीमेंट के लिए 4500 रुपये और पेपरवर्क के लिए 10000 रुपये वसूलते थे। इतना ही नहीं युवती के साथ रहने के लिए फ्लैट का किराया और अन्य खर्च के नाम पर 20000 रुपये और मेडिकल चेकअप के नाम पर भी मोटी रकम ऐंठी जाती थी। ठगी का यह खेल यहीं नहीं रुकता था। अपराधी अश्लील वीडियो भेजकर भी लोगों को ब्लैकमेल करते और उनसे और पैसे वसूलते थे।

गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे इस तरह के लालची ऑफर्स से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध विज्ञापन पर भरोसा करने से पहले स्थानीय पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें।

यह मामला न केवल साइबर ठगी की गंभीरता को उजागर करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि अपराधी कितनी चालाकी से लोगों की भावनाओं और जरूरतों का फायदा उठा रहे हैं। नालंदा पुलिस की इस कार्रवाई से कई बेरोजगार युवाओं को इस ठगी के जाल से बचाने में मदद मिली है। लेकिन इस तरह के अपराधों पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए जन जागरूकता और सख्त कानूनी कार्रवाई की जरूरत है।

Mukesh Bhartiy

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »

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