Wednesday, February 11, 2026
अन्य

    ACS एस सिद्धार्थ ने केके पाठक के फैसला को बदला, अब स्कूली बच्चों को…

    नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार के सभी  सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पोशाक की खरीद के लिए पहले की तरह नगद राशि ही दी जाएगी। यह फैसला शिक्षा विभाग के वर्तमान अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ के निर्देश पर लिया गया है।

    अब विद्यार्थियों को सिला-सिलाया पोशाक दिये जाने के निर्णय को शिक्षा विभाग ने बदल दिया है। साथ ही पोशाक की आपूर्ति करने के लिए जारी टेंडर को भी रद्द कर दिया गया है। विद्यार्थियों को सिला-सिलाया पोशाक दिये जाने निर्णय शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के निर्देश पर पर लिया गया था।

    बता दें कि सभी सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों को पोशाक खरीदने के लिए हर साल नगद राशि दी जाती रही है। लेकिन हाल ही में शिक्षा विभाग ने यह निर्णय लिया था कि शैक्षणिक सत्र 2024-25 में स्कूल के विद्यार्थियों को राशि नहीं दी जाएगी, बल्कि उन्हें सिला-सिलाया पोशाक दिया जाएगा। इसके लिए एजेंसियों को जिम्मेदारी दी जाएगी। इसको लेकर विभाग के पदाधिकारियों ने 15 मई को संबंधित एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक भी की थी।

    अब वही फैसला बदल दिया गया है। अब विद्यार्थियों के खातों में नगद राशि का भुगतान किया जाएगा। फिलहाल बिहार में करीब डेढ़ करोड़ विद्यार्थियों को हर साल पोशाक की नगद राशि दी जाती है।

    BPSC शिक्षकों को नहीं मिलेगें अन्य कोई छुट्टी, होगी कार्रवाई

    अब इन शिक्षकों पर केके पाठक का डंडा चलना शुरु, जानें बड़ा फर्जीवाड़ा

    देखिए केके पाठक का उल्टा चश्मा, जारी हुआ हैरान करने वाला फरमान, अब क्या करेंगे लाखों छात्र

    भीषण गर्मी से बीपीएससी शिक्षिका और दो छात्र-छात्रा हुए बेहोश

    छात्रों की 50% से कम उपस्थिति पर हेडमास्टर का कटेगा वेतन

    Nalanda Darpanhttps://nalandadarpan.com/
    नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here

    This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

    शांति और ध्यान का अद्भुत अनुभव बोधगया वैशाली का विश्व शांति स्तूप विक्रमशिला विश्वविद्यालय के बहुरेंगे दिन राजगीर सोन भंडारः दुनिया का सबसे रहस्यमय गुफा