एशिया रग्बी अंडर-20 चैंपियनशिप: राजगीर में 9 देशों की 16 शीर्ष टीमों का महासंग्राम

राजगीर (नालंदा दर्पण)। मगध की प्राचीन राजधानी राजगीर में कभी बुद्ध की शिक्षाएं गूंजती थीं। अब एक नए उत्साह के साथ वैश्विक मंच पर चमकने को तैयार है। आगामी 9-10 अगस्त को राजगीर के खेल परिसर में एशिया रग्बी अंडर-20 सेवेंस चैंपियनशिप का आयोजन होगा। इस महासंग्राम में एशिया के नौ देशों की 16 शीर्ष रग्बी टीमें (8 पुरुष और 8 महिला) अपने कौशल का प्रदर्शन करेंगी। यह आयोजन न केवल बिहार के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि राजगीर को अंतर्राष्ट्रीय खेल नक्शे पर स्थापित करने का एक सुनहरा अवसर भी है।
रग्बी एक तेज, रोमांचक और टीम भावना से भरपूर खेल है। जोकि अब राजगीर की धरती पर इतिहास रचेगा। इस चैंपियनशिप में भारत, चीन, संयुक्त अरब अमीरात, हांगकांग, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, श्रीलंका, मलेशिया और नेपाल की टीमें हिस्सा लेंगी। एशिया के 32 रग्बी खेलने वाले देशों में से केवल शीर्ष 8 रैंकिंग वाली टीमें ही इस प्रतिष्ठित आयोजन में भाग ले रही हैं, जो इसकी महत्ता को और बढ़ाता है।
राजगीर अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत के लिए जाना जाता है। अब खेलों के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना रहा है। इस आयोजन से न केवल बिहार में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय खिलाड़ियों को वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी प्राप्त होगा।
इस भव्य आयोजन के लिए राज्य मंत्रिपरिषद ने 19 मार्च 2025 को 4.08 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। बिहार स्टेट स्पोर्ट्स अथॉरिटी, जिला प्रशासन और आयोजन समिति मिलकर खिलाड़ियों की सुविधाओं, सुरक्षा और दर्शकों के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित कर रहे हैं। 7 अगस्त से टीमें राजगीर पहुंचना शुरू करेंगी और भारतीय टीम ने बिहार पुलिस अकादमी परिसर में पूर्वाभ्यास शुरू कर दिया है।
बिहार स्टेट स्पोर्ट्स अथॉरिटी के परामर्शी संजय सिन्हा के अनुसार राजगीर के एथलेटिक्स मैदान में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस आयोजन के दौरान विदेशी खिलाड़ी राजगीर में ही ठहरेंगे, जिससे उन्हें स्थानीय संस्कृति, आतिथ्य और बिहार की समृद्ध विरासत को करीब से जानने का मौका मिलेगा। यह न केवल रग्बी का उत्सव होगा, बल्कि संस्कृतियों के मिलन का भी एक अनूठा अवसर होगा।





