ACS सिद्धार्थ के आदेश से बड़ी कार्रवाई, ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अटेंडेंस नहीं बनाने वाले शिक्षकों का वेतन बंद

नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) डॉ. एस. सिद्धार्थ के आदेश से सरकारी स्कूल के उन शिक्षकों पर कड़ी कार्वाई हो रही है, जो ई-शिक्षा कोष पोर्टल अपना ऑनलाइन अटेंडेंस ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर नहीं बना पा रहे हैं। 

मुंगेर कार्यालय जिला शिक्षा पदाधिकारी (समग्र शिक्षा) ने ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर ऑनलाइन अटेंडेंस दर्ज नही करने के संबंध में पहले 19 प्रधानाधपकों को नोटिश जारी किया और उसके अगले दिन उन सभी प्रधानाध्यापकों का वेतन बंद किए जाने की अनुशंसा कर दी है।

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने जिन स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के वेतन बंद करने की अनुशंसा की है, उऩमें उर्दू प्राथमिक विद्यालय गुलजार पोखर, प्राथमिक विद्यालय भीम यादव टोला, मध्य विद्यालय जाफरनगर, प्राथमिक विद्यालय बड़ी गोविन्दपुर, प्राथमिक विद्यालय धरहरा-2, प्राथमिक विद्यालय हरहा मुशहरी धरहरा,. प्राथमिक विद्यालय दुलारपुर , उत्क्रमित उच्च विद्यालय घुघलाडीह, उत्क्रमित उच्च विद्यालय गंगटा मोड, उत्कमित उच्च विद्यालय पोखरिया, उत्कमित उच्च विद्यालय पहाड़पुर, प्राथमिक विद्यालय तांती टोला हरकुण्डा, उत्कमित उच्च विद्यालय भदौरा, डी.पी.ई.पी. प्राथमिक विद्यालय संदलपुर मंगरापोखर, प्राथमिक विद्यालय घटवा टोला कालारामपुर, प्राथमिक विद्यालय बड़ी दरियापुर, प्राथमिक विद्यालय दरियापुर बालक,. मध्य विद्यालय लक्ष्मणपुर, प्राथमिक विद्यालय नया टोला धोबई शामिल हैं।

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के अनुसार अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार पटना द्वारा स्पष्ट रूप से निदेशित किया गया है कि 25 जून, 2024 से ही सभी कोटि के विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं शिक्षकों का ई-शिक्षा कोष पोर्टल के माध्यम से उपस्थित दर्ज किया जाना था, जोकि आज नही किया गया है। स्कूलों के द्वारा विभागीय निदेश का अनुपालन नही करने एवं उच्चाधिकारी आदेश की अवहेलना के साथ विभागीय कार्य बाधा पहुँचाने का कार्य किया गया है। इसीलिए उक्त कार्य पूर्ण होने तक तत्काल प्रधानाध्यापक सहित सभी शिक्षकों का वेतन बंद किया जाता है।

साथ ही जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने यह भी लिखा है कि संबंधित प्रधानाध्यापकों के इस कुकृत्य से मुंगेर जिले का छवि धूमिल हो रही है। ऐसे में उनके खिलाफ क्यों नहीं उच्चाधिकारी को विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई हेतु अनुशंसा की जाय।

वहीं जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को कड़ी चेतावनी दी गई है कि प्रखंड अन्तर्गत सभी कोटि के विद्यालय के शिक्षकों का ई-शिक्षा कोष पर प्रत्येक दिन पूर्वाह्न 9:00 बजे से 9:20 तक अचूक रूप से उपस्थित बनाना अनिवार्य है। उक्त अवधि में उपस्थिति दर्ज नहीं करने की स्थिति उक्त तिथि का वेतन काट ली जाएगी। साथ ही संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक निश्चित रूप से अनुपालन करायेंगे। अन्यथा की स्थिति में संबंधित प्रधानाध्यापकों का 7 दिनों का वेतन कटौती की जायेगी।

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