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Bihar Education Department: नई मुसीबत आते ही शिक्षकों को याद आने लगे केके पाठक

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। इन दिनों बिहार के नियोजित शिक्षकों को शिक्षा विभाग (Bihar Education Department) के पूर्व अपर मुख्य सचिव केके पाठक खूब याद आ रहे हैं। वहीं वर्तमान अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ को जी भर कोसते दिख रहे हैं।

दरअसल, बिहार के नियोजित शिक्षकों को पिछले दो माह से वेतन नहीं मिला है। जबकि केके पाठक के कार्यकाल में यह समस्या नहीं थी। विभाग को सभी नियोजित शिक्षकों को हर माह की पहली तारीख तक हर हाल में वेतन भुगतान करने का सख्त आदेश था। लेकिन उनके पद से हटते ही वह आदेश भी ढीला पड़ गया है।

शिक्षकों का कहना है कि बिहार शिक्षा विभाग जान बूझकर नियोजित शिक्षकों को वेतन नहीं दे रही है। जब तक केके पाठक थे तो विभाग में हर महीने समय से वेतन मिल जाता था। उनके जाने के बाद दो महीने से वेतन नहीं मिला है। लगता है कि उनके जाते ही पूरा सिस्टम पुनः हैंग हो गया है।

शिक्षकों का यह भी कहना है कि केके पाठक के स्थान पर आए अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ का इस ओर थोड़ा भी ध्यान नहीं है। शिक्षा विभाग को तत्काल हाई लेवल मीटिग बुलाकर यह पता करना चाहिए कि जून माह से वेतन क्यों नही मिला है। आगे इस तरह की समस्या न हो, इस पर खास ध्यान देना चाहिए।

उधर, विभागीय सूत्रों का कहना है कि शिक्षकों को समय पर वेतन नहीं मिलने के पीछे ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर ऑनलाइन अटेंडेंस प्रक्रिया है। जिससे भारी संख्या में शिक्षकों के अटेंडेंस नहीं बन पाए हैं। इस कारण वेतन निर्गत करने में परेशानी आ रही है। जिन शिक्षकों का ऑनलाइन अटेंडेंस क्लीयर है, वे भी गेंहू के साथ घुन की तरह पीस रहे हैं।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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