“वर्ष 2026 में बोर्ड अथवा स्नातक परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी भी पात्रता की शर्तों के आधार पर आवेदन कर सकते हैं। बिहार सरकार के नियमानुसार आरक्षण की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी…
राजगीर (नालंदा दर्पण)। बिहार खेल विश्वविद्यालय राजगीर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नामांकन प्रक्रिया 08 अप्रैल से औपचारिक रूप से प्रारंभ हो गई है। खेल शिक्षा, प्रशिक्षण और खेल प्रबंधन के क्षेत्र में भविष्य बनाने की इच्छा रखने वाले विद्यार्थियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। इच्छुक अभ्यर्थी 30 अप्रैल 2026 तक विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव रजनीकांत ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि संस्थान खेल शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण पेशेवर तैयार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में आधुनिक शैक्षणिक वातावरण, विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना और स्मार्ट कक्षाओं की सुविधा उपलब्ध है।
परीक्षा नियंत्रक डॉ. निशिकांत तिवारी ने बताया कि इस सत्र में तीन पूर्णकालिक पाठ्यक्रमों में नामांकन लिया जाएगा। इनमें चार वर्षीय बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स (BPES), एक वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स कोचिंग (PGDSC) तथा एक वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स मैनेजमेंट (PGDSM) शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि PGDSC पाठ्यक्रम के अंतर्गत एथलेटिक्स, क्रिकेट, बास्केटबॉल, वॉलीबॉल और कबड्डी जैसे खेलों में विशेष प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध होगी। विश्वविद्यालय के सभी पाठ्यक्रम यूजीसी मानकों के अनुरूप हैं तथा इन्हें एकेडमिक परिषद से अनुमोदन प्राप्त है। साथ ही यह पाठ्यक्रम एनएसएनआईएस पटियाला एवं एलएनआईपीई ग्वालियर जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के समकक्ष मान्यता प्राप्त हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार वर्ष 2026 में बोर्ड अथवा स्नातक परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी भी पात्रता की शर्तों के आधार पर आवेदन कर सकते हैं। बिहार सरकार के नियमानुसार आरक्षण की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
इधर नामांकन प्रक्रिया और खेल शिक्षा के व्यापक प्रचार-प्रसार को लेकर विश्वविद्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में बिहार के जिला खेल पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण हाइब्रिड बैठक (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) आयोजित की गई। बैठक का उद्घाटन कुलपति शिशिर सिन्हा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
उन्होंने कहा कि राज्य में खेल प्रतिभाओं की पहचान, प्रशिक्षण और संस्थागत सुदृढ़ीकरण के लिए जिला स्तर पर समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। बैठक में विभिन्न जिलों से जुड़े खेल पदाधिकारियों ने अपने सुझाव साझा किए और प्रवेश प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा की गई।
इस अवसर पर राज्य खेल अकादमी के सहायक निदेशक मिथलेश कुमार, विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, प्रशिक्षक, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



