बिहार खेल विश्वविद्यालय का SCERT से हुआ समझौता, पहला रिफ्रेशर कोर्स शुरू
बिहार खेल विश्वविद्यालय का यह प्रयास न केवल राज्य में शारीरिक शिक्षा को नई ऊंचाई देगा, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी पहचान को सुदृढ़ करेगा। आने वाले वर्षों में ऐसे रिफ्रेशर कोर्स शारीरिक शिक्षा में गुणवत्ता और नवाचार को बढ़ावा देंगे...

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार खेल विश्वविद्यालय राजगीर ने अपने शैक्षणिक इतिहास में एक नई पहल करते हुए पहला एडवांस्ड रिफ्रेशर कोर्स शुरू किया है। यह कोर्स शारीरिक शिक्षा के व्याख्याताओं को आधुनिक तकनीक और शोध से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय और राज्य शैक्षिक शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) पटना के बीच हुए समझौते के तहत किया गया है।

कोर्स का उद्घाटन विश्वविद्यालय के कुलपति शिशिर सिन्हा (सेवानिवृत्त IAS) ने किया। उद्घाटन सत्र में कुलसचिव रजनी कांत, परीक्षा नियंत्रक-सह-डीन निशिकांत तिवारी, तथा एससीइआरटी के शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ. सैयद मोहम्मद अयूब की गरिमामयी उपस्थिति रही।
उद्घाटन अवसर पर कुलपति शिशिर सिन्हा ने कहा कि खेल क्षेत्र में निरंतर परिवर्तन हो रहे हैं। नई तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों का समावेश अब आवश्यक हो गया है। यह रिफ्रेशर कोर्स शारीरिक शिक्षा के व्याख्याताओं को नवाचारों से जोड़ने का मंच बनेगा।
उन्होंने बताया कि पहले बैच में 50 प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रत्येक बैच के लिए एक सप्ताह का आवासीय कार्यक्रम निर्धारित किया गया है, जिसमें प्रशिक्षण सोमवार से शनिवार तक चलेगा। कोर्स के सफल समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा।
यह कोर्स परीक्षा नियंत्रक सह डीन निशिकांत तिवारी के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है, जिन्हें विश्वविद्यालय की कार्य परिषद द्वारा पाठ्यक्रम निदेशक नियुक्त किया गया है। पहले दिन के सत्र में तिवारी ने विश्वविद्यालय की संरचना अधिनियम और आधारभूत ढांचे पर विस्तार से जानकारी दी।
इसके बाद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा एवं खेल विज्ञान संस्थान (IGIPESS), नई दिल्ली के प्रोफेसर डॉ. ललित शर्मा ने खेल मनोविज्ञान, जबकि हरियाणा खेल विश्वविद्यालय के डीन प्रो. योगेश चंद्र ठाकुर ने खेलों की ऐतिहासिक यात्रा विषय पर रोचक व्याख्यान दिया।
कोर्स की विशेषता यह है कि इसमें देशभर से खेल विज्ञान एवं शारीरिक शिक्षा के विशेषज्ञ और विजिटिंग फैकल्टी आमंत्रित किए जा रहे हैं, जो प्रतिभागियों को नवीनतम शोध, तकनीकी ज्ञान और प्रायोगिक अनुभव प्रदान करेंगे।





