मुख्यमंत्री ने एशिया रग्बी चैंपियनशिप 2025 की तैयारियों का लिया जायजा
राजगीर (नालंदा दर्पण)। बिहार के प्राचीन और ऐतिहासिक नगर राजगीर में एक नया स्वर्णिम अध्याय लिखा जा रहा है। पहली बार बिहार 9 और 10 अगस्त 2025 को ‘एशिया रग्बी (अंडर-20) सेवेन्स चैंपियनशिप’ की मेजबानी करने जा रहा है।

इस ऐतिहासिक आयोजन की तैयारियों का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजगीर स्थित राज्य खेल अकादमी-सह-बिहार खेल विश्वविद्यालय का दौरा किया। उनके साथ नालंदा के जिला पदाधिकारी कुंदन कुमार, पुलिस अधीक्षक भारत सोनी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजगीर खेल परिसर में अत्याधुनिक सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। यहां अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप निर्माधीन स्टेडियम उनकी यात्रा का मुख्य आकर्षण रहा। स्टेडियम में खिलाड़ियों के लिए आधुनिक जिम, प्रशिक्षण सुविधाएं, और दर्शक दीर्घा की व्यवस्था को देखकर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।
खेल परिसर में कबड्डी हॉल, जहां 8 अगस्त को भव्य उद्घाटन समारोह आयोजित होगा, उसका भी निरीक्षण का हिस्सा था। इस समारोह में बिहार की सांस्कृतिक विरासत और अतिथि देवो भवः की भावना को प्रदर्शित करने की योजना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी हों, ताकि मेहमान टीमें और दर्शक बिहार की आतिथ्यता का अनुभव कर सकें।
बता दें कि यह चैंपियनशिप बिहार के लिए एक मील का पत्थर साबित होने वाली है। 9 देशों भारत, चीन, संयुक्त अरब अमीरात, हांगकांग, कजाकिस्तान, उज्बेकिस्तान, श्रीलंका, मलेशिया (केवल पुरुष) और नेपाल (केवल महिला) की 16 टीमें (8 पुरुष और 8 महिला) इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगी।
यह आयोजन न केवल रग्बी के रोमांच को राजगीर लाएगा, बल्कि बिहार के उभरते हुए खिलाड़ियों को वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर भी देगा। हाल ही में नेशनल गेम्स में बिहार की महिला रग्बी टीम ने रजत पदक जीता था और स्कूल गेम्स में जूनियर, सब-जूनियर, और सीनियर वर्गों में बिहार की टीमें चैंपियन रहीं।
रग्बी इंडिया के अध्यक्ष और पूर्व खिलाड़ी राहुल बोस ने इस आयोजन को बिहार की खेल यात्रा में एक ऐतिहासिक क्षण बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विजन के कारण बिहार अब खेलों के नक्शे पर चमक रहा है। राजगीर का स्टेडियम और इसकी सुविधाएं विश्व स्तर की हैं और यह आयोजन बिहार के युवाओं में रग्बी के प्रति उत्साह को और बढ़ाएगा ।
इस प्रतियोगिता का शुभंकर ‘अशोक’ सम्राट अशोक से प्रेरित है। जाकि बिहार की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत को दर्शाता है। खरगोश के रूप में चित्रित ‘अशोक’ तेजी, सतर्कता और फुर्ती का प्रतीक है। वही गुण जो रग्बी जैसे तेज गति के खेल में महत्वपूर्ण हैं। इसका कवच और ढाल खिलाड़ियों की मानसिक दृढ़ता और तैयारी को दर्शाता है।
यह आयोजन बिहार की बदलती छवि का भी प्रतीक है। एक समय था जब बिहार खेलों के क्षेत्र में चर्चा में नहीं था, लेकिन हाल के वर्षों में नीतीश कुमार सरकार के प्रयासों से राज्य में खेल अवसंरचना में क्रांतिकारी बदलाव आया है।
राजगीर खेल परिसर में क्रिकेट स्टेडियम, हॉकी मैदान और तरणताल जैसी सुविधाएं पहले ही खेलो इंडिया यूथ गेम्स जैसे आयोजनों की मेजबानी कर चुकी हैं। अब एशिया रग्बी चैंपियनशिप और आगामी एशिया कप हॉकी (पुरुष) 2025 जैसे आयोजन बिहार को अंतरराष्ट्रीय खेल मानचित्र पर स्थापित कर रहे हैं।
जिला प्रशासन और बिहार स्टेट स्पोर्ट्स अथॉरिटी (BSSA) इस आयोजन को सफल बनाने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। 7 अगस्त से टीमें राजगीर पहुंचना शुरू करेंगी और 8 अगस्त को होने वाले उद्घाटन समारोह में बिहार की सांस्कृतिक झलकियां देखने को मिलेंगी। आयोजन के लिए राज्य मंत्रिपरिषद ने 19 मार्च 2025 को 4.08 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी थी, जिससे सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के अंत में अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी तैयारियां समय पर पूरी हों और खिलाड़ियों को किसी भी असुविधा का सामना न करना पड़े। यह बिहार के लिए एक अवसर है कि हम दुनिया को अपनी क्षमता दिखाएं। हम न केवल मेजबान हैं, बल्कि इस मंच पर अपनी प्रतिभा का परचम भी लहराएंगे।





