रजौली-बख्तियारपुर फोरलेन पर धमौली ओवरब्रिज की पिलर में पड़ी दरार, यातायात ठप

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले में स्थित रजौली-बख्तियारपुर फोरलेन पर बनी नई सड़क को लेकर एक बड़ी तकनीकी खामी सामने आई है। धमौली के पास स्थित एक ओवरब्रिज के पिलर में दरारें उभर आने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। महज कुछ ही महीने पहले शुरू हुए इस बहुप्रतीक्षित फोरलेन पर बना पुल अब गंभीर खतरे का संकेत दे रहा है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार इस पुल के नीचे रखे गए भूसे के ढेर में कुछ दिन पूर्व अचानक आग लग गई थी। आग से उत्पन्न भीषण गर्मी सीधे पुल के पिलर तक पहुंच गई, जिससे उसमें गहरी दरारें पड़ गईं। संरचनात्मक दृष्टि से यह स्थिति बेहद चिंताजनक मानी जा रही है, क्योंकि इससे पुल की मजबूती पर सीधा असर पड़ा है।
सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्थानीय प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से पुल पर आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया है। परिणामस्वरूप, फोरलेन पर चलने वाले सैकड़ों वाहन चाहे वह मालवाहक ट्रक हों या निजी वाहन अब वैकल्पिक मार्गों से होकर गुजरने को मजबूर हैं। डायवर्जन के कारण जहां एक ओर गाड़ियों की गति धीमी हो गई है। वहीं दूसरी ओर कई-कई किलोमीटर लंबा जाम भी लग रहा है।
यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में घंटों की देरी हो रही है। कई जगहों पर लोग गर्मी और भीड़भाड़ के बीच फंसे हुए देखे जा सकते हैं। स्थानीय दुकानदारों और निवासियों को भी आवाजाही में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इस घटना के बाद जिला प्रशासन, सड़क निर्माण एजेंसी और तकनीकी विशेषज्ञों की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। प्रारंभिक जांच में पिलर को हुए नुकसान की पुष्टि हुई है। अब इंजीनियरों की टीम पुल की मजबूती का आकलन कर रही है, जिसके आधार पर मरम्मत की कार्यवाही जल्द शुरू की जाएगी।
सवाल उठ रहे हैं कि इतनी नई सड़क पर इतनी गंभीर खामी आखिर कैसे आ गई? स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने निर्माण एजेंसी की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। अब सभी की निगाहें प्रशासन और निर्माण एजेंसी की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। जब तक पुल की मरम्मत और जांच पूरी नहीं होती, तब तक यात्रियों को धैर्य और सावधानी के साथ सफर करना होगा।









