Home खुदागंज मां दुर्गा का पट खुलते ही श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

मां दुर्गा का पट खुलते ही श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़

Crowds of devotees gathered as soon as the doors of Maa Durga temple opened
Crowds of devotees gathered as soon as the doors of Maa Durga temple opened

इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। इस्लामपुर प्रखंड के खुदागंज बाजार और आसपास के इलाकों में मां दुर्गा, मां काली, भारत माता, भगवान भास्कर, भगवान शंकर-पार्वती और इसलामपुर के पक्की तालाब पर भारत माता सहित कोचरा गांव में मां दुर्गा के पट खुलते ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर पूजा-अर्चना करने के लिए दूर-दूर से आए भक्तों ने मंदिरों और पूजा मंडपों में अपनी आस्था का प्रदर्शन किया। पूजा प्रबंध समितियों की ओर से मंडपों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। 

खुदागंज बाजार में मां दुर्गा के मंडप के आसपास पूजा सामग्री, फूल-माला, प्रसाद और अन्य वस्तुओं की दुकानें सजी हुई हैं। खरीदारों की भीड़ ने बाजार की रौनक को दोगुना कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बार का आयोजन पिछले वर्षों की तुलना में और भी भव्य है। खुदागंज श्री दुर्गा पूजा प्रबंध समिति के सदस्यों ने बताया कि 6 और 7 अप्रैल की रात को भगवती जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिसमें भक्तों की भारी भीड़ जुटने की उम्मीद है।

वहीं कोचरा गांव की दुर्गा पूजा समिति के अध्यक्ष घनश्याम सिंह, सचिव सुनिल कुमार और कोषाध्यक्ष सुरेंद्र कुमार वर्मा ने जानकारी दी कि 7, 8 और 9 अप्रैल को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। इन कार्यक्रमों में स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ बाहरी कलाकार भी अपनी प्रस्तुति देंगे। इसी बीच रामनवमी के शुभ अवसर पर एक भव्य जुलूस भी निकाला जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।

इस आयोजन में पीएलवी आलोक कुमार, रामप्रवेश पासवान, बलिराम पासवान, रामप्रवेश प्रसाद, देवनाथ, शंकर कुमार, सुखसागर कु., सत्येंद्र कुमार, बसंत रविदास, मुकेश कुमार, रामाशिष, आदित्य कुमार, अरुण चौरसिया, राम प्यारे चौरसिया, छोटे लाल, चंदन कुमार, उमेश कुमार, किशोर कुमार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

बहरहाल श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। मां दुर्गा के दर्शन और पूजा के लिए सुबह से ही मंदिरों में लंबी कतारें लगी हुई हैं। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का भी प्रतीक बन गया है।

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