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भारत स्काउट गाइड संगठन को पुनर्जीवित करने की कवायद तेज

भारत स्काउट गाइड संगठन के पुनर्जीवन के इस प्रयास से न केवल विद्यालयों में एक सकारात्मक बदलाव की उम्मीद है, बल्कि यह छात्रों के सर्वांगीण विकास में भी सहायक साबित होगा….

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के सरकारी और निजी विद्यालयों में भारत स्काउट गाइड संगठन को पुनर्जीवित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। इस संगठन के महत्व को समझते हुए जिले के शिक्षा विभाग ने स्कूलों में इसके गठन को लेकर कार्यवाही तेज कर दी है। इसके लिए शिक्षकों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन हो रही है। जिसका उद्देश्य स्काउट गाइड के महत्व को समझाना और इसे विद्यालयों में लागू करना है।

भारत स्काउट गाइड संगठन के जिला अध्यक्ष सह जिला शिक्षा पदाधिकारी के अनुसार यह प्रशिक्षण शिविर 10 से 16 दिसंबर तक मेघी और दीप नगर स्थित एक निजी विद्यालय में आयोजित किया जाएगा। इस शिविर में जिले के सरकारी और निजी विद्यालयों के शिक्षक भाग लेंगे। जिनमें मध्य, माध्यमिक और उच्च विद्यालयों के शिक्षक शामिल हैं। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य इन शिक्षकों को स्काउट गाइड के मानकों से अवगत कराना और उन्हें अपने विद्यालयों में इसका सही तरीके से संचालन करने के लिए प्रशिक्षित करना है।

उन्होंने बताया कि सरकारी विद्यालयों के 116 चयनित शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे अपने स्कूलों में स्काउट गाइड संगठन की गतिविधियों को सटीक रूप से लागू कर सकें। इन शिक्षकों के माध्यम से जिले के अन्य स्कूलों में भी स्काउट गाइड की गतिविधियों का प्रसार किया जाएगा।

इस प्रशिक्षण शिविर में भाग लेने के लिए प्रत्येक शिक्षक से 980 रुपये शुल्क लिया जाएगा, जो उनके विद्यालय द्वारा वहन किया जाएगा। इसके अलावा शिविर के दौरान भोजन और जलपान की व्यवस्था आयोजकों द्वारा की जाएगी। जबकि निजी उपयोग की वस्तुएं शिक्षकों को अपने साथ लानी होंगी।

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने इस अभियान को लेकर जिले के सभी चयनित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और निजी विद्यालयों के प्राचार्यों को निर्देश दिया है कि वे इस प्रशिक्षण शिविर में अपने शिक्षकों को भेजें। ताकि स्काउट गाइड संगठन के माध्यम से छात्रों में अनुशासन, नेतृत्व कौशल और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना का विकास किया जा सके।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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