बिहार खेल विश्वविद्यालय राजगीर में शारीरिक शिक्षा केंद्र का गठन

राजगीर (नालंदा दर्पण)। बिहार खेल विश्वविद्यालय राजगीर ने खेल और शारीरिक शिक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू किया है। विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं गतिविधि परिषद तथा कार्यकारी परिषद की हालिया बैठकों में लिए गए निर्णयों के आधार पर शैक्षणिक सत्र 2025-26 से खेल एवं शारीरिक शिक्षा केंद्र की स्थापना का ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। यह केंद्र न केवल खेल शिक्षा को एक व्यवस्थित दिशा देगा, बल्कि युवाओं को विश्वस्तरीय कोचिंग और प्रशिक्षण के अवसर भी प्रदान करेगा।
यह नया केंद्र विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित होने वाले स्नातकोत्तर डिप्लोमा इन स्पोर्ट्स कोचिंग जैसे कार्यक्रमों का मुख्य आधार होगा। इसका उद्देश्य खेल शिक्षा को अधिक व्यावसायिक, प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बनाना है।
केंद्र के तहत सभी अतिथि संकाय, प्रशिक्षक और शिक्षण कर्मी अब एकीकृत प्रशासनिक और शैक्षणिक ढांचे में कार्य करेंगे। इससे न केवल प्रशिक्षण की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि छात्रों को खेल के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए बेहतर मार्गदर्शन भी मिलेगा।
विश्वविद्यालय के डीन, निशिकांत तिवारी के मार्गदर्शन में इस केंद्र को खेल शिक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर माना जा रहा है। यह कदम बिहार के युवाओं को खेलों में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
इस केंद्र की कार्यवाहक अध्यक्ष के रूप में वर्तमान में अतिथि संकाय के रूप में कार्यरत पूजा कुमारी को नियुक्त किया गया है। वे केंद्र के सभी प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों की देखरेख करेंगी और डीन निशिकांत तिवारी को रिपोर्ट करेंगी।
यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो चुकी है और इसे सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति प्राप्त है। पूजा कुमारी की नियुक्ति से यह उम्मीद की जा रही है कि केंद्र अपनी शुरुआत से ही मजबूत नेतृत्व और दिशा प्राप्त करेगा।
यह केंद्र न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश में खेल शिक्षा के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित करने की क्षमता रखता है। यहाँ से प्रशिक्षित कोच और खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत का नाम रोशन कर सकते हैं। क्या यह केंद्र बिहार को खेलों में एक नई पहचान दिला पाएगा? यह सवाल हर खेल प्रेमी के मन में है।





