
नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार के ऐतिहासिक धरती पर पहली बार हॉकी का महाकुंभ हीरो एशिया कप-2025 का आयोजन 29 अगस्त से 7 सितंबर तक राजगीर के अत्याधुनिक अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में होने जा रहा है। इस भव्य आयोजन का आगाज़ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 1 अणे मार्ग स्थित संकल्प सभागार में शुभंकर ‘चांद’ और ट्रॉफी के अनावरण के साथ किया है। इस अवसर पर गौरव यात्रा का शुभारंभ भी हुआ हौ। इसका उदेश्य बिहार के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों में हॉकी के प्रति उत्साह जगाना है।
हीरो एशिया कप-2025 का आधिकारिक शुभंकर ‘चांद’ भारत के राष्ट्रीय पशु बाघ से प्रेरित है, जो साहस, स्फूर्ति और कौशल का प्रतीक है। इसका लाल लबादा शक्ति और उत्साह को दर्शाता है, जबकि जादूगर की टोपी हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की असाधारण प्रतिभा को श्रद्धांजलि देती है।
‘चांद’ का नाम मेजर ध्यानचंद से प्रेरित है, जिन्होंने चांदनी रातों में अभ्यास कर हॉकी के मैदान पर इतिहास रचा। यह शुभंकर बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) के गौरवशाली बाघ से भी प्रेरणा लेता है, जो शक्ति, चपलता और आत्मविश्वास का प्रतीक है।
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व, जो बिहार का गौरव है, न केवल जैव-विविधता का खजाना है, बल्कि यह शुभंकर ‘चांद’ के माध्यम से बिहार की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत को भी राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करता है। ‘चांद’ का डिज़ाइन युवाओं को प्रेरित करने और खेल के प्रति उत्साह बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है, जो इस आयोजन को और भी यादगार बनाएगा।
12वां हीरो एशिया कप पुरुष हॉकी टूर्नामेंट बिहार के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है। यह पहली बार है जब बिहार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहा है। राजगीर का अत्याधुनिक अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम इस आयोजन का केंद्र होगा। यहां भारत, चीन, जापान, चीनी ताइपे, मलेशिया, दक्षिण कोरिया, ओमान और बांग्लादेश की टीमें खिताब के लिए जोर आजमाइश करेंगी। टूर्नामेंट का विजेता हॉकी विश्व कप के लिए सीधे क्वालीफाई करेगा, जिससे इस आयोजन का महत्व और भी बढ़ जाता है।
गौरतलब है कि दक्षिण कोरिया ने अब तक सर्वाधिक पांच बार इस खिताब को जीता है, जबकि भारत और पाकिस्तान तीन-तीन बार चैंपियन रह चुके हैं। भारतीय टीम, जिसने हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन किया है, इस बार घरेलू मैदान पर अपने प्रशंसकों के सामने चमकने के लिए तैयार है।
हीरो एशिया कप-2025 के प्रति उत्साह को पूरे देश में फैलाने के लिए 17 अगस्त से शुरू हुई ट्रॉफी गौरव यात्रा एक अनूठी पहल है। यह यात्रा बिहार के सभी जिलों के साथ-साथ चेन्नई, चंडीगढ़ (पंजाब, हरियाणा), दिल्ली, ओडिशा, असम और झारखंड जैसे राज्यों से होकर गुजरेगी। इसका उद्देश्य युवाओं में हॉकी के प्रति रुचि जगाना, खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और इस ऐतिहासिक आयोजन में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।
यह गौरव यात्रा न केवल टूर्नामेंट की ट्रॉफी को प्रदर्शित करेगी, बल्कि हॉकी के महानायकों, विशेष रूप से मेजर ध्यानचंद की विरासत को भी जीवंत करेगी। 29 अगस्त, जो राष्ट्रीय खेल दिवस और मेजर ध्यानचंद की जयंती के रूप में मनाया जाता है, इस आयोजन का पहला दिन होगा, जो इसे और भी खास बनाता है।
हीरो एशिया कप-2025 का आयोजन बिहार के लिए न केवल खेल के क्षेत्र में, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से भी एक महत्वपूर्ण अवसर है। राजगीर, जो अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है, इस आयोजन के साथ वैश्विक मंच पर अपनी नई पहचान बनाएगा। अत्याधुनिक हॉकी स्टेडियम और बिहार की मेहमाननवाजी इस टूर्नामेंट को अविस्मरणीय बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।









