एशिया कप हॉकी फाइनल में भारत का कोरिया से होगा कड़ा मुकाबला
राजगीर (नालंदा दर्पण)। राजगीर हॉकी स्टेडियम में चल रही पुरुष एशिया कप हॉकी चैम्पियनशिप के सुपर-4 के अंतिम मुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चीन को 7-0 से करारी शिकस्त दी। इस एकतरफा जीत के साथ भारत ने फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली।
अब रविवार को होने वाले फाइनल में भारत का मुकाबला डिफेंडिंग चैंपियन कोरिया से होगा, जो सुपर-4 के पहले मुकाबले में मलेशिया को 4-3 से हराकर फाइनल में पहुंची है। इस जीत ने भारतीय टीम का हौसला सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है, जबकि कोरिया भी अपने खिताब को बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक देगी।
यह फाइनल मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि विजेता टीम को अगले साल होने वाले हॉकी वर्ल्ड कप में सीधे प्रवेश मिलेगा। भारत नौवीं बार एशिया कप के फाइनल में पहुंचा है और घरेलू मैदान पर यह उसका तीसरा फाइनल होगा।
इससे पहले भारत ने कराची, ढाका, हिरोशिमा, कुआलालमपुर, दक्षिण कोरिया, जकार्ता, नई दिल्ली और चेन्नई में फाइनल खेला है। इस बार राजगीर में घरेलू दर्शकों के सामने खेलने का मौका भारतीय टीम के लिए खास है।
मैच के पहले क्वार्टर से ही भारतीय खिलाड़ियों ने चीन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। पहले क्वार्टर में भारत ने दो गोल दागकर अपनी मंशा साफ कर दी। शिलानंद लाकड़ा ने चौथे मिनट में पहला गोल किया, जबकि सातवें मिनट में दिलप्रीत सिंह ने दूसरा गोल दागा। दूसरे क्वार्टर में भारत ने अपनी बढ़त को और मजबूत किया, जब 18वें मिनट में मनदीप सिंह ने तीसरा गोल किया।
तीसरे और चौथे क्वार्टर में भी भारतीय खिलाड़ियों ने चीन को कोई मौका नहीं दिया। 37वें मिनट में शिलानंद लाकड़ा के क्रॉस को दिलप्रीत ने डिफ्लेक्ट किया, जिसे राजकुमार पाल ने आसानी से गोल में बदल दिया। 39वें मिनट में दिलप्रीत ने सुखजीत सिंह को शानदार पास दिया, जिसे उन्होंने गोल में तब्दील किया।
चौथे क्वार्टर की शुरुआत में सुरजीत सिंह ने शानदार सोलो रन बनाते हुए कई डिफेंडरों को चकमा दिया और गेंद अभिषेक को पास की, जिसने गोल दागकर स्कोर 6-0 किया। 46वें और 50वें मिनट में अभिषेक ने दो शानदार गोल किए, जिसमें एक बैकहैंड शॉट शामिल था, जिसने भारत को 7-0 की ऐतिहासिक जीत दिलाई।
इस टूर्नामेंट में भारत ने अब तक शानदार प्रदर्शन किया है। पूल चरण में सभी मैच जीतने के बाद सुपर-4 में भी भारत ने कोरिया के खिलाफ एक ड्रॉ को छोड़कर सभी मुकाबले जीते हैं। भारत ने पूरे टूर्नामेंट में कुल 35 गोल दागे हैं, जो किसी भी टीम से सबसे ज्यादा है। टूर्नामेंट में अब तक कुल 147 गोल हुए हैं, जिनमें 50 पेनाल्टी कॉर्नर से आए हैं।
कोरिया पुरुष एशिया कप हॉकी में सबसे सफल टीम है। जिसने 1994, 1999, 2009, 2013 और 2022 में खिताब जीता है। दूसरी ओर भारत ने 2003, 2007 और 2017 में तीन बार यह खिताब अपने नाम किया है। कोरिया ने सुपर-4 में तीन मैचों में एक जीत, एक हार और एक ड्रॉ हासिल किया है। फाइनल में कोरिया की अनुभवी और मजबूत टीम भारत के लिए कड़ी चुनौती पेश करेगी।
घरेलू मैदान पर खेल रही भारतीय टीम को दर्शकों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। राजगीर हॉकी स्टेडियम में हजारों प्रशंसक भारतीय टीम का हौसला बढ़ाने के लिए मौजूद रहेंगे। फाइनल मुकाबला रविवार शाम 6 बजे शुरू होगा और यह निश्चित रूप से एक रोमांचक और कांटेदार मुकाबला होगा।
अब सभी की निगाहें रविवार के फाइनल पर टिकी हैं, जहां भारत और कोरिया के बीच खिताबी जंग देखने को मिलेगी। क्या भारत चौथी बार एशिया कप का खिताब जीतेगा या कोरिया अपने खिताब को बचाने में सफल रहेगा? यह सवाल हर हॉकी प्रेमी के मन में है।





