
एकंगरसराय (नालंदा दर्पण)। नालंदा पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन में अंतर्राज्यीय ह्यूमन ट्रैफिकिंग के खौफनाक नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है! दो मासूम नाबालिग लड़कियों को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुड़ाया गया, जो उन्हें नौकरी और बेहतर जीवन का लालच देकर वेश्यावृत्ति के दलदल में धकेलने की साजिश रच रहे थे।
यह मामला इतना चौंकाने वाला है कि पुलिस की इस सफलता से पूरे देश में हलचल मच गई है। यह गिरोह पश्चिम बंगाल, दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों में फैला हुआ था, जहां मासूमों को बेचा जा रहा था।
इस मामले की शुरुआत अगस्त 2025 से हुई, जब एकंगरसराय थाने में कांड संख्या 199/25 दर्ज किया गया। धारा 137/351(2) भारतीय न्याय संहिता-2023 के तहत यह केस अपहरण का था, लेकिन जांच में खुलासा हुआ कि यह एक विशाल अंतर्राज्यीय ट्रैफिकिंग रैकेट का हिस्सा है।
तकनीकी जांच और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) गठित की, जिसका नेतृत्व एकंगरसराय पुलिस निरीक्षक ने किया। बीते 11 दिसंबर को टीम ने एक्शन लिया और पश्चिम बंगाल के विभिन्न इलाकों में छापेमारी कर दूसरी लड़की को भी बरामद कर लिया। पहली लड़की पहले ही एकंगरसराय पुलिस की गिरफ्त में आ चुकी थी।
पुलिस जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ कि गिरोह के सदस्य लड़कियों को अच्छी नौकरी और आरामदायक जीवन का झांसा देते थे। एक बार फंसने के बाद उन्हें पश्चिम बंगाल, दिल्ली, हरियाणा जैसे राज्यों में वेश्यावृत्ति के लिए बेच दिया जाता। पुलिस का कहना है कि यह नेटवर्क और गहरा है और आगे की जांच में और बड़े नाम सामने आ सकते हैं। पुलिस का दावा है कि पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए ऑपरेशन जारी है।
गिरफ्तार किए गए अपराधियों में राकेश सहनी (26 वर्ष) न्यू मिलन पारा थाना-रायगंज जिला-उत्तर दिनाजपुर पश्चिम बंगाल गिरोह का मुख्य सरगना माना जा रहा है। वहीं रूपाली कुमारी (23 वर्ष) बोगिस्तोसरयाली थाना-बोगिस्तो कामरूप असम महिलाओं को लुभाने में माहिर बताई जाती है। वहीं खुशी कुमारी (19 वर्ष) भादाय थाना-बरहरिया जिला-सिवान बिहार नेटवर्क की लोकल कड़ी के रुप में सामने आई है।
फिलहाल अपहरण की गई दोनों नाबालिग लड़कियां सुरक्षित बरामद कर लिया गया है और उनकी पूछताछ से गिरोह के अन्य कई राज खुल रहे हैं। इस ऑपरेशन की सफलता पुलिस टीम में शामिल पुलिस निरीक्षक अमरेंद्र कुमार (एकंगरसराय अंचल), थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार झा, अपर थानाध्यक्ष रूपेश कुमार सिंह, अनुसंधानकर्ता जितेंद्र कुमार, महिला पुलिस अधिकारी चंदा कुमारी समेत जिला आसूचना इकाई के सदस्य शामिल थे।





