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रामघाट चौक बाजार का कबाड़खाना बना ग्रामीण चोरों का सुरक्षित ठिकाना

ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि रामघाट के इस कबाड़खाने पर कठोर कार्रवाई की जाए। ताकि भविष्य में चोरों को इस तरह की सुरक्षित पनाहगाह न मिले। साथ ही पूर्व की सभी चोरी की घटनाओं की गहराई से जांच कर अपराधियों को कड़ी सजा दी जाए..

चंडी (नालंदा दर्पण)। नगरनौसा थाना क्षेत्र में चोरी की बढ़ती वारदातों के पीछे एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इलाके के रामघाट चौक बाजार स्थित एक कबाड़खाना चोरों का संरक्षक बन गया है, जहां चोरी के सामान बेधड़क बेचे और खरीदे जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस सबकुछ जानते हुए भी आंख मूंदे हुए है।

पूरा मामला तीनी लोदीपुर गांव के एक निजी स्कूल से जुड़ा है। स्कूल संचालक महेंद्र प्रसाद ने थाने में दिए आवेदन में बताया कि 18 मई की रात अज्ञात चोरों ने स्कूल के चार इलेक्ट्रिक पंखे चुरा लिए, जिसकी पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फुटेज में दो लोग पंखे ले जाते दिखे।

चोरी की वारदात दोबारा 19 मई की रात को दोहराई गई, जब वही चोर फिर से स्कूल में चोरी के इरादे से घुसा। इस बार ग्रामीण सतर्क थे। उन्होंने मौके पर ही चोर को दबोच लिया और उसकी जमकर धुनाई कर दी। फिर पुलिस के हवाले कर दिया।

पकड़े गए युवक ने अपना नाम सुबोध पासवान (पिता नवल पासवान, ग्राम लोदीपुर, थाना नगरनौसा) बताया। पूछताछ में उसने सनसनीखेज खुलासा किया कि चोरी का सारा सामान रामघाट चौक स्थित एक कबाड़ी के दुकान में बेचा गया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने कबाड़खाने से चारों पंखे बरामद कर लिए।

सुबोध ने यह भी स्वीकारा कि इससे पहले की कई चोरियों का सामान भी उसी कबाड़ी को बेचा गया है। जिसमें उसके कुछ अन्य साथी भी शामिल थे।

ग्रामीणों में पुलिस की निष्क्रियता को लेकर खासा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि चोरी का सामान बार-बार एक ही कबाड़खाने से बरामद होने के बावजूद, उस दुकानदार पर अब तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है। इससे चोरों का मनोबल बढ़ता जा रहा है।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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