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शिक्षक-शिक्षिकाओं की लापरवाही फिर उजागर, 18 शिक्षक प्रशिक्षण से रहे नदारद

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सरकार और विभाग लगातार प्रयासरत हैं। लाखों रुपए खर्च कर शिक्षकों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रणाली से जोड़ने हेतु प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है, लेकिन विभागीय प्रयासों के बावजूद शिक्षक-शिक्षिकाओं की लापरवाही कम होने का नाम नहीं ले रही।

ताज़ा मामला जिले के डायट नूरसराय में 13 से 17 मई तक आयोजित दो अलग-अलग प्रशिक्षण सत्रों से जुड़ा है, जहां प्राथमिक (कक्षा 1-5) और माध्यमिक (कक्षा 6-8) विद्यालयों के शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस प्रशिक्षण में कुल 18 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हिस्सा ही नहीं लिया। न तो उन्होंने योगदान दिया और न ही कोई पूर्व सूचना दी।

सरकार का उद्देश्य है कि शिक्षक प्रशिक्षण के ज़रिए नई शिक्षण विधियों को अपनाएं और कक्षा में बच्चों को बेहतर ज्ञान दे सकें। प्रशिक्षण के पहले प्री-टेस्ट और बाद में पोस्ट-टेस्ट लिए जाते हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि शिक्षक ने प्रशिक्षण से क्या सीखा। इसके बावजूद कुछ शिक्षक इस गंभीर पहल से ही दूरी बनाए हुए हैं।

प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों की सूची डायट की प्रभारी प्राचार्या डॉ. फरहत जहां द्वारा समग्र शिक्षा कार्यालय को सौंप दी गई है। इन शिक्षकों में शामिल हैं:

  • पिंकेश पटेल (पीएस केवलबिगहा)
  • विनोद पासवान (यूएमएस पलटपुरा)
  • शोभा कुमारी, सुरेश चौधरी (पीएस धनराज बिगहा)
  • कृष्ण मुरारी (यूएमएस भौरा बरतर)
  • रविशंकर सिन्हा, रूमाना आजमी (एमएस कल्याणपुर)
  • मोहम्मद उर्दू (पीएस बारादरी)
  • सोनाली कन्या (पीएस खंदकपर)
  • सुषमा कुमारी (एमएस खंदकपर)
  • चंद्रकांता कुमारी (पीएस हाजीपुर)
  • सुनिधि रतनाम (एनपीएस मघड़ासराय)
  • सुशीला कुमारी (पीएस जमालीचक)
  • प्रियना भारती (एमएस केवई)
  • निशांत प्रताप (एमएस केवाली)
  • अमरेन्द्र कुमार (एमएस लारनपुर)
  • मोहम्मद जुबेर अंसारी (एमएस शरीफाबाद)
  • श्वेता कुमारी (यूएमएस बरई)
  • नीतू कुमारी (यूएमएस भागवतपुर)

शिक्षा विभाग ने इस गैरजिम्मेदाराना रवैये को बेहद गंभीरता से लिया है। संबंधित शिक्षकों से 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है कि वे किन परिस्थितियों में बिना पूर्व सूचना के प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहे। विभागीय सूत्रों के अनुसार, यदि जवाब संतोषजनक नहीं हुआ तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिसमें वेतन कटौती, कारण बताओ नोटिस और भविष्य के प्रशिक्षणों में रोक जैसे कदम शामिल हो सकते हैं।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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