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शराब कारोबारी ने मुखिया के वाहन को किया क्षतिग्रस्त, पति-पुत्र को दी जान मारने की धमकी

बेन (नालंदा दर्पण)। बेन प्रखंड के एकसारा पंचायत में एक सनसनीखेज घटना ने स्थानीय समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। पंचायत की वर्तमान मुखिया स्वीरी उर्फ स्वीटी देवी के पति नीरज प्रसाद और उनके बिहारशरीफ में पढ़ाई कर रहे पुत्र को शराब के अवैध धंधे में लिप्त एक कारोबारी ने न केवल उनके चारपहिया वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया, बल्कि फोन पर जान से मारने की धमकी भी दी। इस घटना से मुखिया के परिवार में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोग इस गुंडागर्दी के खिलाफ आक्रोशित हैं।

जानकारी के अनुसार यह घटना तब शुरू हुई, जब बेन पुलिस ने एकसारा पंचायत में शराब के अवैध कारोबार के खिलाफ रात्रि छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने कई संदिग्ध स्थानों पर दबिश दी। जिसमें शिशु राम, पिता स्वर्गीय विजय राम के घर भी शामिल था। शराब कारोबारी शिशु राम ने इस छापेमारी का ठीकरा मुखिया पति नीरज प्रसाद पर फोड़ा और आरोप लगाया कि उन्होंने ही पुलिस को गांव में शराब बिक्री की सूचना दी थी।

इसी रंजिश में शिशु राम ने अपने गुंडों के साथ मिलकर नीरज प्रसाद के चारपहिया वाहन को तोड़-फोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया। इतना ही नहीं शराब कारोबारी ने फोन पर नीरज और उनके बेटे को जान से मारने की धमकी दी।

धमकी के बाद से मुखिया का परिवार डर के साये में जी रहा है। नीरज प्रसाद ने बताया कि हमारे गांव में शराब का अवैध धंधा लंबे समय से चल रहा है। पुलिस की कार्रवाई से अपराधी बौखला गए हैं और हमें निशाना बना रहे हैं।

घटना के बाद नीरज प्रसाद ने बेन थाना में शिशु राम और अन्य अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने के लिए आवेदन दिया है। उन्होंने पुलिस से तत्काल कार्रवाई और अपने परिवार की सुरक्षा की मांग की है। स्थानीय थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने एकसारा पंचायत के निवासियों में आक्रोश पैदा कर दिया है। कई ग्रामीणों ने शराब के अवैध कारोबार को गांव की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बताया है। एक गांववासी ने कहा कि शराब माफिया की गुंडागर्दी अब बर्दाश्त के बाहर हो गई है। प्रशासन को इस पर सख्ती से रोक लगानी चाहिए।

बता दें कि शराबबंदी लागू होने के बावजूद यहां अवैध शराब का कारोबार बदस्तूर जारी है। यह घटना इस बात का प्रमाण है कि शराब माफिया न केवल कानून को चुनौती दे रहे हैं, बल्कि स्थानीय नेताओं और उनके परिवारों को भी डराने-धमकाने से नहीं चूक रहे। इस तरह की घटनाएं न केवल कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाती हैं, बल्कि ग्रामीण समुदायों में असुरक्षा की भावना को भी बढ़ावा देती हैं।

मुखिया स्वीटी देवी और उनके परिवार ने इस घटना के बाद भी हिम्मत नहीं हारी है। नीरज प्रसाद ने कहा कि हम डरने वाले नहीं हैं। हम चाहते हैं कि गांव से शराब का धंधा पूरी तरह खत्म हो और हमारे लोग सुरक्षित रहें।

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