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मगध की मुंबई से सीधी डोर है राजगीर-कुर्ला एक्सप्रेस का शुभारंभ

राजगीर-कुर्ला एक्सप्रेस का शुभारंभ मगध क्षेत्र के लिए एक नई आशा और अवसर लेकर आया है। यह ट्रेन मगध की धरती से मुंबई की चकाचौंध तक की यात्रा को और आसान बनाने का एक ऐतिहासिक कदम बताया जा है…

राजगीर (नालंदा दर्पण)। मगध की ऐतिहासिक धरती राजगीर और देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के बीच अब राजगीर-कुर्ला एक्सप्रेस से रेलवे की सीधी कनेक्टिविटी का सपना हकीकत में बदल गया है। वर्षों से चली आ रही स्थानीय लोगों की मांग को पूरा करते हुए राजगीर-कुर्ला एक्सप्रेस का शुभारंभ राजगीर रेलवे स्टेशन से सांसद कौशलेन्द्र कुमार ने हरी झंडी दिखाकर किया। यह ऐतिहासिक पल न केवल राजगीर, बल्कि पूरे नालंदा और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक नई शुरुआत का प्रतीक है।

इस खास अवसर पर राजगीर रेलवे स्टेशन का प्लेटफॉर्म नंबर एक उत्सव स्थल में तब्दील हो गया। भारी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और रेलवे अधिकारी इस पल के साक्षी बने। जैसे ही ट्रेन ने अपनी पहली यात्रा के लिए पटरी पर रफ्तार पकड़ी, उपस्थित लोगों ने तालियों और उत्साहपूर्ण नारों के साथ इसका स्वागत किया। स्टेशन पर माहौल उत्सव जैसा था और लोगों ने इसे मगध की मुंबई से सीधी डोर करार दिया।

इस अवसर पर सांसद कौशलेन्द्र कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि लंबे समय से राजगीर और आसपास के लोगों की मांग थी कि मुंबई जैसे महानगर से सीधी रेल सुविधा उपलब्ध हो। आज यह मांग पूरी हो गई है। यह ट्रेन न केवल यात्रा को आसान बनाएगी। वहीं शिक्षा, रोजगार, व्यापार, स्वास्थ्य सेवाओं और पर्यटन को भी नई गति प्रदान करेगी। यह ट्रेन क्षेत्र की प्रगति का नया द्वार खोलेगी।

राजगीर-कुर्ला एक्सप्रेस  का परिचालन नालंदा, नवादा, शेखपुरा और आसपास के जिलों के लिए एक बड़ी राहत लेकर आया है। पहले मुंबई जाने के लिए यात्रियों को पटना या गया जैसे बड़े स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब यह ट्रेन सीधे राजगीर से मुंबई तक की यात्रा को सुगम बनाएगी।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इसे क्षेत्र के लिए एक वरदान बताया। उनका कहना है कि यह सुविधा न केवल प्रवासी मजदूरों और छात्रों के लिए लाभकारी होगी, बल्कि राजगीर जैसे विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल को भी राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती देगी।

राजगीर बौद्ध और जैन धर्म के साथ-साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के लिए जाना जाता है। अब इस नई रेल सेवा के साथ और अधिक सुलभ हो गया है। यह ट्रेन पर्यटकों के लिए राजगीर को मुंबई जैसे महानगर से जोड़ेगी, जिससे पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही व्यापारियों और छोटे उद्यमियों को भी मुंबई जैसे बड़े बाजार तक पहुंचने में आसानी होगी।

राजगीर-कुर्ला एक्सप्रेस का परिचालन निर्धारित दिनों और समय पर किया जाएगा। जैसा कि पहले यह पटना से संचालित होती थी। यह ट्रेन राजगीर से पटना के रास्ते मुंबई तक जाएगी। इससे यात्रियों को आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन में आधुनिक सुविधाओं का ध्यान रखा गया है, ताकि यात्रियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो।

इस अवसर पर स्टेशन प्रबंधक चंद्रभूषण सिन्हा, पूर्व स्टेशन प्रबंधक मंतोष कुमार मिश्रा और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। सभी ने इस नई रेल सेवा को क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर बताया।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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