
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार में शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अब शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) में 82 अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को भी सरकारी शिक्षक बनने का सुनहरा अवसर मिलेगा। शिक्षा विभाग के नए आदेश के अनुसार इन अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाएगा।
वहीं जिन अभ्यर्थियों की मार्कशीट और प्रमाणपत्र का सत्यापन (वेरिफिकेशन) और काउंसिलिंग पहले ही हो चुकी है, उनकी नियुक्ति जल्द की जाएगी। वहीं, जिन अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग अभी तक नहीं हुई है, उन्हें अपने आवंटित जिले में उपस्थित होना होगा। इनके दस्तावेजों का सत्यापन और काउंसिलिंग 30 जून 2025 तक पूरी कर ली जाएगी।
इसके लिए प्रत्येक जिले में एक तीन सदस्यीय दल गठित किया गया है, जो सत्यापन और काउंसिलिंग की प्रक्रिया को संचालित करेगा। इस दौरान अभ्यर्थियों की मार्कशीट और प्रमाणपत्रों की गहन जांच की जाएगी। दस्तावेजों के साथ-साथ बायोमेट्रिक जांच भी अनिवार्य होगी, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
दरअसल बिहार सरकार ने पिछड़ा वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग और सामान्य कोटि की महिलाओं को TET में 5% की छूट प्रदान की है। इस छूट के तहत 150 अंकों में न्यूनतम 82.5 अंक प्राप्त करना आवश्यक था। हालांकि कई अभ्यर्थियों के अंक 82 थे, जिसके कारण उनकी नियुक्ति प्रक्रिया रुकी हुई थी। अब शिक्षा विभाग के नए आदेश के बाद इन अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति का मौका दिया जा रहा है।
अब जिन अभ्यर्थियों की काउंसिलिंग नहीं हुई है, उन्हें अपने आवंटित जिले में समय पर उपस्थित होना होगा। सत्यापन के लिए सभी मूल दस्तावेज और उनकी प्रतियां साथ लाना अनिवार्य है। बायोमेट्रिक जांच के लिए आधार कार्ड या अन्य मान्य पहचान पत्र साथ रखें।
शिक्षा विभाग ने इस प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरतने का दावा किया है। बायोमेट्रिक सत्यापन और तीन सदस्यीय दल की जांच से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि केवल योग्य अभ्यर्थी ही नियुक्त किए जाएं।
वहीं इस निर्णय से उन हजारों अभ्यर्थियों में खुशी की लहर है, जिनके 82 अंक होने के कारण नियुक्ति प्रक्रिया में बाधा आ रही थी। अभ्यर्थी आलोक कुमार ने बताया कि हमें उम्मीद थी कि सरकार इस दिशा में कोई कदम उठाएगी। अब हम 30 जून तक काउंसिलिंग पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं।









