Thursday, January 15, 2026
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    अब शिक्षा सेवकों को ऑनलाइन हाजिरी के आधार पर होगा मानदेय भुगतान

    बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार राज्य में शिक्षा सेवकों और तालीमी मरकज के शिक्षा सेवकों को अब ऑनलाइन हाजिरी के आधार पर मानदेय का भुगतान किया जाएगा। इस नई व्यवस्था का प्रारंभ दिसंबर के मानदेय से होगा, जिसका भुगतान पहली जनवरी 2024 को किया जाएगा।

    बिहार शिक्षा विभाग के जन शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (साक्षरता) को निर्देश जारी किए हैं। इसके अनुसार शिक्षा सेवक अपनी उपस्थिति ई-शिक्षाकोष मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज करेंगे। 23 अक्तूबर से 30 नवंबर तक मॉक ट्रायल के रूप में इस प्रक्रिया का परीक्षण किया जाएगा, जिसके बाद एक दिसंबर से इसे पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा।

    निदेशालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी शिक्षा सेवक का नाम ई-शिक्षाकोष में अद्यतन नहीं है तो उसे तीन दिनों के अंदर ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही मॉक ट्रायल के दौरान आने वाली कठिनाइयों के समाधान के लिए विभाग द्वारा मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराए गए हैं।

    राज्य में शिक्षा सेवकों और तालीमी मरकज शिक्षा सेवकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। खासकर महादलित, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों में महिलाओं को साक्षर बनाने और उनके बच्चों को शिक्षा के लिए तैयार करने में वर्तमान में 26,347 शिक्षा सेवक कार्यरत हैं। उन्हें प्रतिमाह 28 हजार रुपये का मानदेय मिलता है।

    इस नयी व्यवस्था से शिक्षा सेवकों की उपस्थिति को सुगमता से मॉनिटर किया जा सकेगा और मानदेय का भुगतान भी पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।

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    वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके।

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