अब भूखे बच्चे 6.30 में आएंगे स्कूल, 11.30 बजे मिलेगा मध्याहन भोजन 

नालंदा दर्पण डेस्क। लगता है कि बिहार शिक्षा विभाग सरकारी स्कूलों के बच्चों और शिक्षकों पर रोज नए-नए शोध करने में जुट गया है। बिहार के स्कूलों की टाइमिंग फिर बदल दिया गया है। 10 जून से 30 जून तक अब सभी सरकारी स्कूल सुबह 6:30 से दोपहर 12:10 तक संचालित होगा। शिक्षकों को 10 मिनट पहले विद्यालय पहुंचना होगा। बच्चों को मध्याहन भोजन 11:30 बजे खिलाया जायेगा।

बिहार माध्यमिक शिक्षा निदेशक सन्नी सिन्हा ने आदेश दिया है कि विभागीय आदेश ज्ञापांक 141 दिनांक 28.04.2014 द्वारा निर्णय लिया गया था कि पूरे राज्य में प्रारंभिक एवं माध्यमिक विद्यालयों का संचालन ग्रीष्मावकाश के पूर्व तक पूर्वाहन 06. 30 बजे से 11.30 बजे पूर्वाहन तक संचालित किया जाए एवं प्रारंभिक विद्यालयों में संचालित मध्याहन भोजन कराने की व्यवस्था 11.30 बजे की जाए।

यह व्यवस्था चालू ग्रीष्मकाल में दिनांक 10.06.2024 से दिनांक 30.06.2024 तक प्राथमिक, मध्य, शिक्षण कार्य माध्यमिक/ उच्च माध्यमिक, संस्कृत विद्यालय, मदरसा सहित सभी विद्यालयों पर लागू किया गया है। नीचे देखें अजब विभाग का गजब सारणी…..

Now hungry children will come to school at 6.30 and will get mid day meal at 11.30

BPSC शिक्षकों को नहीं मिलेगें अन्य कोई छुट्टी, होगी कार्रवाई

अब इन शिक्षकों पर केके पाठक का डंडा चलना शुरु, जानें बड़ा फर्जीवाड़ा

देखिए केके पाठक का उल्टा चश्मा, जारी हुआ हैरान करने वाला फरमान, अब क्या करेंगे लाखों छात्र

भीषण गर्मी से बीपीएससी शिक्षिका और दो छात्र-छात्रा हुए बेहोश

छात्रों की 50% से कम उपस्थिति पर हेडमास्टर का कटेगा वेतन

Nalanda Darpan

नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

error: Content is protected !!
शांति और ध्यान का अद्भुत अनुभव बोधगया वैशाली का विश्व शांति स्तूप विक्रमशिला विश्वविद्यालय के बहुरेंगे दिन राजगीर सोन भंडारः दुनिया का सबसे रहस्यमय गुफा