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अब चंडी और अस्थावां में बनेगा नया मॉडल सीएचसी भवन

इन मॉडल अस्पतालों और सीएचसी भवनों के निर्माण से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाएं बेहतर होंगी। अस्थावां और चंडी में नए सीएचसी भवन के निर्माण से इन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का एक नया अध्याय शुरू होगा

चंडी (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए जिले में नए मॉडल अस्पताल, टीकाकरण केंद्र और अत्याधुनिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इस कड़ी में अस्थावां और चंडी प्रखंडों में जल्द ही नए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भवनों का निर्माण किया जाएगा।

इन दोनों सीएचसी भवनों के निर्माण पर लगभग 5 करोड़ 30 लाख रुपये खर्च होंगे। प्रत्येक भवन में 30 बेड की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इन स्वास्थ्य केंद्रों में इलाज, जांच और ऑपरेशन की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। चंडी और अस्थावां में पहले से ही एक-एक रेफरल अस्पताल कार्यरत है। लेकिन नए सीएचसी भवन बनने के बाद इन प्रखंडों में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक उन्नत हो जाएंगी।

वहीं बिंद प्रखंड में नया सीएचसी भवन लगभग बनकर तैयार है। इसमें रंग-रोगन और अन्य बेसिक सुविधाओं को दुरुस्त करने का काम चल रहा है। उम्मीद है कि जनवरी के अंत तक यह भवन स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर कर दिया जाएगा। वर्तमान में बिंद पीएचसी का भवन छोटा होने के कारण स्वास्थ्य सेवाओं में कठिनाई हो रही है। जिसे नए भवन से दूर किया जाएगा।

वहीं बिहारशरीफ सदर अस्पताल में 200 बेड का पांच मंजिला भवन बनकर तैयार है। यहां सिर्फ बिजली का काम बाकी है। इसके साथ ही प्रसूति और स्त्री रोग के इलाज के लिए डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड (डीएनबी) कोर्स शुरू करने की प्रक्रिया जारी है। पीएमसीएच के विशेषज्ञों ने अस्पताल का निरीक्षण किया है और जल्द ही इस कोर्स के लिए मान्यता मिलने की उम्मीद है।

वहीं पावापुरी विम्स में नौ से चौदह वर्ष की बच्चियों को सर्वाकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीका लगाया जा रहा है। यह पहल जिले में स्वास्थ्य जागरूकता और रोग प्रबंधन को बढ़ावा दे रही है।

वहीं कोरोना महामारी के दौरान स्थापित ऑक्सीजन प्लांट टेंडर समाप्त होने के कारण बंद हो गया था। उसे जनवरी माह में पुनः शुरू होने की उम्मीद है। यह पहल आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ बनाएगी।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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