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शिक्षक दिवस 5 सितंबर को काला बिल्ला लगाकर कार्य करेंगे सारे शिक्षक

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। इन दिनों नालंदा जिला शिक्षा कार्यालय शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के प्रति पूर्ण रूप से उदासीन है। यही कारण है कि जिले के शिक्षकों को बार-बार जिला शिक्षा कार्यालय का चक्कर काटना पड़ता है।

बिहार पंचायत नगर पंचायत प्रारंभिक शिक्षक संघ ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं का समाधान की रफ्तार अत्यन्त धीमी है। किसी भी कार्य का ससमय निष्पादन नहीं हो पाता है। इसलिए शिक्षकों के अनेक कार्य जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में लंबित हैं।

संघ ने कहा है कि शिक्षकों की सेवा पुस्तिका का संधारण नहीं किया जाना, दो वर्ष सेवा पूरा किए शिक्षकों का प्रशिक्षित वेतन का लाभ नहीं देना। विभिन्न प्रखण्डों में शिक्षकों का कार्य लंबित होना। आवंटन उपलब्ध रहने के बावजूद भी वेतन भुगतान में विलंब करना आदि शामिल है।

संघ ने कहा है कि कार्यालय में कार्यों की पारदर्शिता का घोर अभा है। शिक्षक दरबार में दिए जाने वाले आवेदन की कोई प्रविष्टि नहीं होना। कार्य की कोई समीक्षा नहीं किये जाने सहित कार्यालय पर शिक्षकों का आर्थिक दोहन करने के साथ-साथ स्पष्टीकरण जमा कर देने के बाबजूद महीनों मामले का निष्पादन नहीं किया जाना, शिक्षक संगठन के साथ पदाधिकारी का कभी भी बैठक नहीं करना और ना हीं किसी प्रकार का सुझाव मांगा जाना आदि शामिल है।

संघ ने कहा है कि इन्हीं बिंदुओं को लेकर बिहार पंचायत नगर प्रारम्भिक शिक्षक संघ जिला इकाई नालंदा के द्वारा विरोध स्वरूप शिक्षक दिवस के दिन काला बिल्ला लगाकर ड्यूटी करने का निर्णय लिया गया है।

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