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Nav Nalanda Mahavihar: पूर्णतः रैगिंग मुक्त परिसर है नव नालंदा महाविहार

राजगीर (नालंदा दर्पण)। राजगीर अनुमंडल अवस्थित नव नालंदा महाविहार (Nav Nalanda Mahavihar) में एंटी रैगिंग दिवस समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर ‘रैगिंग का कुप्रभाव’ विषयक संगोष्ठी का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम शुभारंभ निबन्ध लेखन प्रतियोगिता से की गयी। जिसमें महाविहार के शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया।

शोध छात्र श्रेणी में अपराजिता संकृत ने प्रथम स्थान, अंकित द्विवेदी एवं प्रियंका कंथाल ने क्रमशः द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया। एम.ए. छात्र श्रेणी में आकांक्षा कुमारी ने प्रथम एवं कुमारी सीमा एवं आरती कुमारी ने क्रमशः द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया। सभी श्रेष्ठ छह प्रतिभागियों को महाविहार के कुलपति प्रो. राजेश रंजन ने शील्ड प्रदान कर पुरस्कृत किया। वहीं प्रतियोगिता में भाग लेने वाले अन्य सभी छात्रों को सांत्वना के तौर पर प्रमाण पत्र दिया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये कुलपति प्रो. राजेश रंजन ने कहा कि यह बड़ा सुखद संयोग है कि महाविहार परिसर रैगिंग मुक्त परिसर है। तथापि किसी कुरीति को आने में देर नहीं लगती। अतः विद्यार्थियों को रैगिंग के दण्ड परिणाम के बारे में जानकारी एवं जागरूकता का होना आवश्यक है।

इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक प्रो. विजय कुमार कर्ण (अधिष्ठाता, छात्र कल्याण) ने कहा कि यूजीसी एवं संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के अभिमंशा के अनुरूप आज एंटी रैगिंग डे के अवसर पर रैगिंग के कुप्रभाव विषय पर महाविहार के सैकड़ों छात्र छात्राओं ने निबंध लिखकर इस विषय में परिपक्व ज्ञान का परिचय दिया है। यहां सभी छात्र परस्पर स्वस्थ वातावरण बनाते हैं। जो प्रशंसनीय है।

इस निबन्ध प्रतियोगिता का आयोजन करवाने में प्रो. हरे कृष्ण तिवारी, प्रो. रूबी कुमारी, प्रो. बीके चौधरी, प्रो. श्रीकान्त सिंह, डॉ. पी के दास, डॉ. भीष्म कुमार आदि का योगदान उल्लेखनीय रहा। कार्यक्रम का समापन रजिस्ट्रार डॉ. मीता के द्वारा धनयवाद ज्ञापन के साथ संपन्न हुआ।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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