आवागमननालंदाफीचर्डराजगीर

राजगीर ग्रीन फील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट टूरिज्म और स्पोर्ट को देगी नई उड़ान

राजगीर (नालंदा दर्पण) बिहार के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शहर राजगीर में जल्द ही एक ग्रीन फील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट का निर्माण होने जा रहा है। बिहार सरकार के हालिया बजट में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को स्वीकृति मिलने के साथ ही राजगीर को वैश्विक पर्यटन और खेल के नक्शे पर एक नई पहचान मिलने का रास्ता साफ हो गया है। यह हवाई अड्डा नालंदा विश्वविद्यालय और अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर के समीप बनाया जाएगा, जो इस क्षेत्र को पर्यटन और खेल के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।

जिला प्रशासन ने राजगीर प्रखंड के मेयार, बढ़ौना, बड़हरी, पथरौरा और गोरौर मौजा में 1300 एकड़ जमीन का चयन इस हवाई अड्डे के लिए किया है। भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एयरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया) की टीम ने चयनित स्थल का भौतिक निरीक्षण पूरा कर लिया है और इसे उपयुक्त माना है।

अब बाधा सीमा सतह सर्वेक्षण (ओएलएस) के लिए विशेषज्ञों की टीम जल्द ही निरीक्षण कर सकती है। इसके बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगी। जिसके लिए नजरिया नक्शा भी तैयार किया जा चुका है।

बता दें कि राजगीर अपनी प्राचीन सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के लिए विश्व प्रसिद्ध है। अब इस हवाई अड्डे के निर्माण से देश-विदेश के पर्यटकों के लिए और सुलभ हो जाएगा। नालंदा विश्वविद्यालय, सप्तपर्णी गुफाएं, विश्व शांति स्तूप और अन्य ऐतिहासिक स्थल पहले से ही लाखों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

जाहिर है कि हवाई अड्डे के बनने से पर्यटकों की संख्या में और वृद्धि होगी। जिससे स्थानीय होटल, रेस्तरां, परिवहन सेवाओं, गाइड और हस्तशिल्प उद्योग को नए रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।

इसके अलावा यह हवाई अड्डा राजगीर को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर और मजबूती प्रदान करेगा। बौद्ध, जैन और हिंदू धर्म के अनुयायियों के लिए यह एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है और अब अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की सुविधा से विदेशी श्रद्धालु भी आसानी से यहां पहुंच सकेंगे।

राजगीर में पहले से ही एक अंतर्राष्ट्रीय खेल परिसर का निर्माण हो चुका है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम अपने अंतिम चरण में है। इसके साथ ही आईटी सिटी और फिल्म सिटी के लिए भी स्थल चयन किया गया है।

इस हवाई अड्डे के बनने से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजनों का मार्ग प्रशस्त होगा। खिलाड़ी, कोच और खेल प्रेमी अब बिना किसी परेशानी के राजगीर पहुंच सकेंगे। यह स्थानीय युवाओं के लिए बेहतर प्रशिक्षण और खेल सुविधाओं का अवसर प्रदान करेगा।

खेल पर्यटन को बढ़ावा देने में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। विभिन्न खेल आयोजनों के आयोजन से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा, बल्कि राजगीर एक प्रमुख खेल केंद्र के रूप में भी उभरेगा।

इस हवाई अड्डे के निर्माण से राजगीर और बिहार की अर्थव्यवस्था में व्यापक बदलाव की उम्मीद है। यह परियोजना विदेशी और राष्ट्रीय निवेशकों को आकर्षित करने का एक बड़ा माध्यम बनेगी। होटल, रिसॉर्ट, एडवेंचर टूरिज्म, खेल पर्यटन और परिवहन जैसे क्षेत्रों में निवेश की असीम संभावनाएं हैं। स्थानीय कारीगरों और व्यापारियों को भी लाभ होगा, क्योंकि पर्यटकों की संख्या बढ़ने से हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों की मांग में इजाफा होगा।

वर्तमान में राजगीर तक पहुंचने के लिए केवल सड़क और रेलमार्ग उपलब्ध हैं। निकटतम हवाई अड्डे गया और पटना में हैं, जो राजगीर से काफी दूरी पर हैं। अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के बनने से राजगीर सीधे देश और दुनिया से जुड़ जाएगा। जिससे यात्रा का समय कम होगा और पर्यटन, व्यापार, शिक्षा और खेल जैसे क्षेत्रों में तेजी से प्रगति होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

error: Content is protected !!