अपराधनालंदाबिग ब्रेकिंगबिहार शरीफशिक्षा

फिर विवादों में आरपीएस स्कूल, गिरफ्तार लिपिक ने खोले चौंकाने वाले राज

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। आरपीएस ग्रुप ऑफ़ स्कूल्स के तहत संचालित मकनपुर स्थित आरपीएस स्कूल एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह बेहद गंभीर है। पहले छात्र गुटों के बीच हिंसक झड़प ने स्कूल की साख को ठेस पहुंचाई थी और अब सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान हाईटेक नकल रैकेट के पर्दाफाश ने पूरे नालंदा जिले में सनसनी फैला दी है।

नूरसराय पुलिस ने इस मामले में एक लिपिक सह वीक्षक, एक अभ्यर्थी, एक कोचिंग संचालक और दो सेटर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस रैकेट का एक अन्य आरोपी फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस की छापेमारी तेजी से जारी है।

पुलिस ने परीक्षा केंद्र पर छापेमारी के दौरान चार आरोपियों को इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज़ के साथ रंगे हाथों पकड़ा। ये डिवाइसेज़, जिनमें ब्लूटूथ और माइक्रो-इयरपीस शामिल थे, नकल के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे।

पुलिस सूत्रों के अनुसार यह रैकेट केवल इस परीक्षा तक सीमित नहीं था। गिरफ्तार लिपिक ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए, जिसमें 2018 से आरपीएस स्कूल, मकनपुर में आयोजित विभिन्न परीक्षाओं में उसकी संलिप्तता की बात सामने आई है। लिपिक ने एक अन्य व्यक्ति का नाम भी उजागर किया, जिसकी पहचान पुलिस ने अभी गोपनीय रखी है।

नूरसराय थाना प्रभारी के अनुसार यह एक संगठित गिरोह था, जो परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को ध्वस्त करने पर तुला था। हम इस मामले की तह तक जाएंगे और सभी दोषियों को सजा दिलाएंगे।

उल्लेखनीय है कि आरपीएस स्कूल के निदेशक पहले सीबीएसई के जिला कोऑर्डिनेटर थे। लेकिन छह माह पहले क्षेत्रीय कार्यालय ने उन्हें इस पद से हटा दिया था। अभिभावकों और स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि क्या स्कूल प्रबंधन इस नकल रैकेट से पूरी तरह अनजान था या फिर यह कदाचार किसी बड़ी मिलीभगत का नतीजा है।

पुलिस अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि स्कूल प्रशासन की भूमिका इस रैकेट में कितनी थी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि हम स्कूल के पूरे कार्यकाल की जांच करेंगे। अगर प्रबंधन की संलिप्तता पाई गई तो कड़ी कार्रवाई होगी।

बता दें कि पिछले एक सप्ताह में आरपीएस स्कूल से जुड़ी दो बड़ी घटनाएं छात्रों के बीच हिंसक भिड़ंत और अब नकल रैकेट ने अभिभावकों को सकते में डाल दिया है। सोशल मीडिया पर स्कूल की कार्यशैली और प्रबंधन की जवाबदेही पर सवाल उठ रहे हैं।

बहरहाल इस मामले ने न केवल आरपीएस स्कूल की प्रतिष्ठा को धक्का पहुंचाया है, बल्कि नालंदा जिले में परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े किए हैं।  पुलिस ने फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। साथ ही 2018 से स्कूल में आयोजित सभी परीक्षाओं की जांच के लिए एक विशेष जांच समिति के गठन की संभावना है।

मुकेश भारतीय

मुकेश भारतीय वरिष्ठ पत्रकार हैं और राजनीति, प्रशासन और स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर लेखन-संपादन करते हैं। More »

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

The unsolved mysteries of the ancient Nalanda University राजगीर पांडु पोखर एक ऐतिहासिक पर्यटन धरोहर Rajgir Sone Bhandar is the world’s biggest treasure Artificial Intelligence is the changing face of the future