खोज-खबर
-

अधर में लटका राजगीर अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय का इंतजार, जानें बड़ी वजह
राजगीर (नालंदा दर्पण)। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक राजगीर कभी विश्व की प्राचीनतम नालंदा विश्वविद्यालय का गौरव रहा है, लेकिन आज एक अदद बुनियादी आवश्यकता अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय के लिए तीन दशकों से अधिक समय से प्रतीक्षा कर रहा है। यह लंबी प्रतीक्षा न केवल प्रशासनिक सुस्ती को दर्शाती है,…
-

हिलसा एसयू कॉलेज का जर्जर हॉस्टल खतरे की बड़ी घंटी, फिर भी अनदेखी!
हिलसा (नालंदा दर्पण)। मगध विश्वविद्यालय से अलग होकर पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के गठन के बाद भले ही पटना और नालंदा जिले के कॉलेजों को नई पहचान मिली हो, लेकिन हिलसा अनुमंडल के एकमात्र अंगीभूत इकाई, एसयू कॉलेज के हॉस्टल की स्थिति आज भी दयनीय बनी हुई है। वर्ष 1955 में निर्मित यह…
-

नव नालंदा महाविहार: पाली और बौद्ध अध्ययन का एक चमकता सितारा
नालंदा दर्पण डेस्क / मुकेश भारतीय। क्या आपने कभी उस स्थान की कल्पना की है, जहाँ प्राचीन काल में विश्व भर के विद्वान ज्ञान की खोज में एकत्रित होते थे? जी हाँ, नव नालंदा महाविहार कभी विश्व का प्रथम आवासीय विश्वविद्यालय था। जोकि ऐसी ही एक पवित्र भूमि थी। पाँचवीं शताब्दी…
-

Ganga Water Diversion Project: अब बिहारशरीफ नगर में बहेगी गंगा की धार
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। Ganga Water Diversion Project: नालंदा की ऐतिहासिक धरती जहां कभी प्राचीन विश्वविद्यालय की गूंज थी, आज एक आधुनिक चुनौती जल संकट से जूझ रही है। गर्मियों में सूखे नल, लंबी कतारें और पानी के लिए संघर्ष इस शहर की कहानी बन चुकी थी। लेकिन अब गंगा जल उद्वह…
-

अजीमाबाद एक्सप्रेस की सुविधा से चहका नालंदा पर्यटन शिक्षा क्षेत्र
राजगीर (नालंदा दर्पण)। भारतीय रेलवे द्वारा अजीमाबाद एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12947/12948) के राजगीर तक विस्तार ने न केवल यात्रियों को सुगम रेल कनेक्टिविटी दी है, बल्कि इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन के नक्शे पर और चमकदार बना दिया है। यह ट्रेन नालंदा, नवादा,…
-

बौद्ध परंपरा से प्रेरित नालंदा की खान-पान संस्कृति एक स्वादिष्ट यात्रा
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। मगधांचल का नालंदा जिला अपनी प्राचीन सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के लिए विश्वविख्यात है, लेकिन इसका खान-पान भी उतना ही अनूठा और समृद्ध है। बौद्ध परंपरा से गहरे जुड़े इस क्षेत्र की भोजन संस्कृति में सादगी, संयम और पौष्टिकता का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। क्या आपने…
-

Heritage: अतिक्रमण की भेंट चढ़ रहा है नालंदा का यह ऐतिहासिक स्थल
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के हरनौत प्रखंड अंतर्गत बराह गांव में स्थित गढ़पर एक ऐसी ऐतिहासिक धरोहर (Heritage) है, जो अपने गौरवशाली अतीत को समेटे हुए है, लेकिन आज अतिक्रमण और उपेक्षा की मार झेल रही है। ऊंची सीढ़ियां, पीपल वृक्ष के पास स्तूप के अवशेष और पाली भाषा में…
-

सिद्धपीठ और बौद्ध इतिहास का अद्भुत संगम स्थल है माघरा
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहारशरीफ नगर से महज पांच किलोमीटर की दूरी पर बसा माघरा गांव एक ऐसा स्थान है, जहां आध्यात्मिकता और ऐतिहासिकता का अनूठा संगम देखने को मिलता है। स्थानीय लोग इसे प्रायः मघड़ा या माघड़ा के नाम से पुकारते हैं।यह गांव न केवल शीतला माता के सिद्धपीठ के लिए…
-

जरा देखिए CM नीतीश कुमार के हरनौत हाई स्कूल की हालत !
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार के मुख्यमंत्री (CM) नीतीश कुमार के हरनौत हाई स्कूल कभी नालंदा जिले के शैक्षणिक गौरव का प्रतीक रहा है। लेकिन आज वह बदहाली पर आंसू बहाने को विवश है। दिसंबर 2023 में इस स्कूल के मल्टीपरपस बिल्डिंग के निर्माण कार्य का शिलान्यास बड़े जोश-खरोश के साथ किया…
-

बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूपः बिहार की सांस्कृतिक धरोहर का नया अध्याय
नालंदा दर्पण डेस्क। क्या आपने कभी सोचा है कि एक ऐसी जगह, जो न केवल ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व रखती हो, बल्कि वैश्विक सांस्कृतिक धरोहर को भी जोड़ती हो, कैसी दिखती होगी? वैशाली, बिहार में 29 जुलाई 2025 को बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय-सह-स्मृति स्तूप का लोकार्पण होने जा रहा है, जो…









