खोज-खबर
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बिहारशरीफ मॉडल सदर अस्पताल: डॉक्टर का अभाव, अल्ट्रासाउंड सुविधा बंद
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। जरा कल्पना कीजिए कि एक गर्भवती महिला जो सपनों में अपने होने वाले बच्चे की सेहत की जांच कराने अस्पताल पहुंचती है, लेकिन वहां उसे बताया जाता है कि अल्ट्रासाउंड मशीन तो है, लेकिन डॉक्टर नहीं है! यह कोई काल्पनिक कहानी नहीं, बल्कि बिहारशरीफ मॉडल सदर अस्पताल की…
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सिलाव की बेटी प्रियंका: रग्बी खेल से दरोगा तक का प्रेरक सफर
नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार के नालंदा जिले के सिलाव प्रखंड के बिद्दुपुर गांव की प्रियंका कुमारी की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। तमाम सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों को पार कर प्रियंका ने न केवल रग्बी के मैदान में अपनी पहचान बनाई, बल्कि आज वह बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर…
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बिहारशरीफ विक्टोरिया क्लब दिलाती है ब्रिटिश युग की याद
नालंदा दर्पण डेस्क। बिहारशरीफ शहर के हृदय स्थल टिकुलीपर में स्थित विक्टोरिया क्लब आज भी ब्रिटिश युग की यादों को संजोए हुए है, जहां क्लब कल्चर की जीवंत परंपरा न केवल बरकरार है, बल्कि आधुनिकता के साथ घुलमिलकर एक नई ऊर्जा पैदा कर रही है। यह क्लब 120 वर्षों से अधिक…
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बिहारशरीफ नवरत्न महल: सांस्कृतिक धरोहर का एक अनमोल गहना
नालंदा दर्पण डेस्क। बिहारशरीफ के मोगलकुआं में स्थित नवरत्न महल नालंदा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का एक अनमोल रत्न है। करीब ढाई सौ साल पुराना यह भवन 18वीं सदी की स्थापत्य कला का उत्कृष्ट नमूना है, जो अपने समय का एक वातानुकूलित चमत्कार था। मोटी दीवारों और चार मजबूत स्तंभों…
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बिहारशरीफ खादी भवन: गौरवशाली अतीत से अस्तित्व की लड़ाई तक
नालंदा दर्पण डेस्क। बिहारशरीफ नगर के हृदय में स्थित खादी भवन कभी आत्मनिर्भरता और स्वदेशी की मिसाल हुआ करता था। चार दशक पहले यहाँ लाखों का कारोबार होता था और खादी के परिधानों की सुगंध देश के कोने-कोने तक पहुँचती थी। लेकिन आज यह ऐतिहासिक भवन अपनी साख और अस्तित्व बचाने…
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160 साल पहले बेले सराय था बिहारशरीफ एसडीओ कार्यालय भवन
नालंदा दर्पण डेस्क। बिहारशरीफ नालंदा जिले का एक ऐसा मुख्यालय शहर है, जो न केवल ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों का खजाना है, बल्कि प्रशासनिक गौरव का भी प्रतीक है। आज का आधुनिक बिहारशरीफ एसडीओ कार्यालय एक ऐसी कहानी बयाँ करता है, जो 160 साल पहले की है। यह कहानी है वर्ष…
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बिहारशरीफ नगर निगम का 156 वर्षों से गौरवमयी साक्षी है यह द्वार
नालंदा दर्पण डेस्क। नालंदा जिला मुख्यालय बिहारशरीफ एक ऐसा शहर है, जो न केवल जिला की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहर का प्रतीक है, बल्कि अपने प्रशासनिक ढांचे के माध्यम से विकास की गाथा भी लिखता रहा है। बिहारशरीफ नगर निगम कभी एक छोटी-सी नगरपालिका के रूप में शुरू हुआ था और…
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हरनौत राजेन्द्र साहित्य महाविद्यालय: गौरवशाली इतिहास बनी अवशेषों की कहानी
नालंदा दर्पण डेस्क। नालंदा जिले के हरनौत प्रखंड क्षेत्र में सेबदह गांव की शांत गलियों में बसा राजेन्द्र साहित्य महाविद्यालय आज भले ही खामोश खड़ा हो, लेकिन इसकी दीवारें एक ऐसी कहानी बयां करती हैं, जो भारत की आजादी की लड़ाई और बिहार की शैक्षणिक विरासत से गहरे तक जुड़ी है।…
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अमावां महल: नालंदा की शान, इतिहास की पहचान
नालंदा दर्पण डेस्क। नालंदा जिले के बिंद प्रखंड में स्थित अमावां महल आज भी अपनी भव्यता और इतिहास की गूंज से हर किसी को मंत्रमुग्ध कर देता है। यह महल केवल पत्थरों और ईंटों का ढांचा नहीं, बल्कि एक बड़ी रियासत की कहानी है। इस रियासत ने अपने समय में नालंदा…
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दिल्ली दरबार लाल किलाः बदहाली का शिकार इस्लामपुर की यह शान
नालंदा दर्पण डेस्क। नालंदा जिले के इस्लामपुर नगर क्षेत्र में स्थित दिल्ली दरबार को स्थानीय लोग प्यार से लाल किला भी कहते हैं। यह एक ऐसी भव्य इमारत है, जो अपने गौरवशाली अतीत और वर्तमान की बदहाली की कहानी बयां करती है। यह दो मंजिला संरचना कभी जमींदार चौधरी जहुर साहब…









