खोज-खबर
-

दुर्भाग्य: कभी छात्रों से गुलजार रहा छात्रावास अब बना भूत बंगला
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। कभी छात्रों की चहल-पहल से भरा रहने वाला बिंद प्रखंड मुख्यालय स्थित उच्च विद्यालय का छात्रावास आज अपने पुराने गौरव को खोकर एक भूत बंगला बन चुका है। वर्षों पहले बने इस छात्रावास की दीवारें और छत अब इस कदर जर्जर हो चुकी हैं कि कभी भी ढह…
-

गुणों का खान है सहजन: फूल, फल, पत्ती और जड़ तक के हैं गजब फायदें
“सहजन प्रकृति का एक अनमोल उपहार है, जो शरीर को स्वस्थ और तंदुरुस्त बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता है। इसके पोषक तत्वों से भरपूर गुण हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद हैं। चाहे बदलते मौसम की चुनौतियों का सामना करना हो या फिर शरीर को डिटॉक्स करना हो, सहजन…
-

राजगीर से 2 सुपरफास्ट फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन शुरु, जानें समय सारणी
राजगीर (नालंदा दर्पण)।होली के बाद प्रवासी यात्रियों की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए पूर्व मध्य रेलवे ने दो विशेष सुपरफास्ट फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। यह विशेष ट्रेनें यात्रियों को राहत प्रदान करने और उनके यात्रा अनुभव को सुविधाजनक बनाने के लिए चलाई जा रही हैं।…
-

अब बिहारशरीफ नगर को जाम से मुक्ति दिलाएगी 6.2 किमी लंबी यह सड़क
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहारशरीफ नगर में यातायात की समस्या से जूझ रहे लोगों को जल्द ही राहत मिलने वाली है। पचासा मोड़ से करगिल चौक तक 6.2 किलोमीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण की महत्वाकांक्षी योजना बनाई गई है। जिससे पटना-रांची रोड पर लगने वाले भारी जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी।…
-

भाग्य भरोसे न बैठें, मायोकिमिया है दायीं आँख फड़कना
नालंदा दर्पण डेस्क। दुनिया में मानव शरीर के दायीं आँख फड़कने को लेकर कई तरह की मान्यताएँ और धारणाएँ प्रचलित हैं। हालांकि यह मान्यताएँ अलग-अलग क्षेत्रों और संस्कृतियों में भिन्न हो सकती हैं। कई लोगों का मानना है कि यदि दायीं आँख फड़के तो यह शुभ संकेत होता है। इससे यह…
-

पंचाने नदी बनी प्रवासी पक्षियों का आश्रय, राजहंस की ऊंची उड़ान बना आकर्षण
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा की पंचाने नदी इन दिनों अंतर्राष्ट्रीय महत्व के प्रवासी पक्षियों का स्वागत कर रही है। दुनिया की सबसे ऊंचाई पर उड़ने वाले अद्वितीय पक्षी ‘बार हेडेड गूज’ उर्फ राजहंस ने इस नदी को अपना अस्थायी घर बना लिया है। हर साल हजारों की संख्या में ये पक्षी…
-

नालंदा के इन 5 गांव में होली के दिन नहीं जलते चूल्हे, जानें अनोखी वजह
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के पांच गांवों में होली का उत्सव कुछ अलग ही अंदाज में मनाया जाता है। इन गांवों में होली के दिन न तो चूल्हे जलते हैं, न ही फूहड़ गीतों की गूंज होती है। सन् 1983 से चली आ रही एक अनूठी परंपरा के तहत यहां…
-

नालंदा के इन 5 गांवों में 51 साल पहले कायम हुआ होली की अनोखी परंपरा
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। होली का नाम आते ही रंगों की बौछार, ढोल-नगाड़ों की गूंज और ठिठोली से भरे हुड़दंग का दृश्य सामने आता है। लेकिन बिहार के नालंदा जिले के पांच गांव ऐसे भी हैं, जहां यह त्योहार बिल्कुल अनोखे और धार्मिक तरीके से मनाया जाता है। यहां न तो रंग-गुलाल…
-

बेंच-डेस्क घोटाला: फर्जी बिल के जरिए करोड़ों की निकासी, एजेंसी पर FIR दर्ज
बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले में शिक्षा विभाग से जुड़े बेंच-डेस्क घोटाला का बड़ा खुलासा हुआ है। जिलाधिकारी (डीएम) शशांक शुभंकर की सख्ती के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) ने फर्जी विपत्र के आधार पर भुगतान कराने वाली एजेंसी पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस मामले में डीएम ने तीन दिनों…
-

हिलसा का कुर्मी जमुई में बना कहार,12 साल की शिक्षक की नौकरी, शराब पार्टी ने खोली पोल !
हिलसा (नालंदा दर्पण)। बिहार शिक्षा विभाग में जाति बदलकर नौकरी पाने का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नालंदा जिले के हिलसा निवासी सुमन सौरभ पर आरोप है कि उन्होंने कहार जाति का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर जमुई जिले में शिक्षक के पद पर नौकरी प्राप्त की। इस मामले का…









