खोज-खबर

  • Fake teacher racket Why silence on investigation report of 36 'ghost' teachers in Islampur

    फ्रॉड टीचर रैकेट: इस्लामपुर में 36 ‘भूत’ शिक्षकों की जांच रिपोर्ट पर चुप्पी क्यों?

    हिलसा (नालंदा दर्पण)। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि आपके इलाके के स्कूलों में ऐसे शिक्षक काम कर रहे हैं, जिन्हें कभी किसी ने देखा ही नहीं? जी हां, नालंदा जिले के इस्लामपुर प्रखंड में एक ऐसा ही चौंकाने वाला रैकेट सामने आया है, जहां 36 ‘भूत’ टीचर्स के नाम…

  • Leave aside the school, the Nalanda Education Office itself is crying!

    अजी स्कूल को छोड़िए, खुद रो रहा है नालंदा शिक्षा कार्यालय!

    बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की बात तो दूर, जिला शिक्षा कार्यालय का भवन ही अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। तीन साल पहले जिला शिक्षा भवन के निर्माण को मिली स्वीकृति आज भी कागजों में कैद है। जमीन की तलाश में भटक रहे अधिकारियों…

  • Giriak is a confluence of precious literature and cultural heritage 4

    अनमोल साहित्य और सांस्कृतिक धरोहर का संगम है गिरियक

    नालंदा दर्पण डेस्क। नालंदा जिला बिहार का एक ऐसा क्षेत्र है, जो अपनी प्राचीनता सांस्कृतिक धरोहर और ऐतिहासिक महत्व के लिए विश्वविख्यात है। इस जिले का गिरियक गांव न केवल पुरातात्विक अवशेषों और बौद्ध धरोहरों के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यह साहित्य, संस्कृति और इतिहास के संगम का एक जीवंत उदाहरण…

  • Fatuha Islampur Martin Light Railway Story written in rare photographs of history 2

    फतुहा-इस्लामपुर मार्टिन लाइट रेलवे: इतिहास की दुर्लभ तस्वीरों में बसी कहानी

    नालंदा दर्पण डेस्क। नालंदा जिले के लिए फतुहा-इस्लामपुर रेलखंड एक समय में क्षेत्र की जीवनरेखा हुआ करता था। वर्ष 1922 में कोलकाता की मार्टिन एंड कंपनी द्वारा निर्मित यह नैरो गेज रेल लाइन न केवल लोगों और सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाती थी, बल्कि यह स्थानीय…

  • Historical heritage Islampur Delhi Darbar's call, save me government

    Historical heritage: इस्लामपुर दिल्ली दरबार की पुकार, मुझे बचा लो सरकार

    इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के इस्लामपुर नगर में स्थित ऐतिहासिक (Historical heritage) दिल्ली दरबार कभी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हुआ करता था, आज उपेक्षा और बदहाली का शिकार है। बौलीबाग के समीप अवस्थित यह स्मारक अपनी भव्यता और ऐतिहासिक महत्व के लिए जाना जाता था, लेकिन समय के साथ इसकी…

  • Biharsharif Model Sadar Hospital Ultrasound facility closed due to government apathy

    बिहारशरीफ मॉडल सदर अस्पताल: डॉक्टर का अभाव, अल्ट्रासाउंड सुविधा बंद

    बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। जरा कल्पना कीजिए कि एक गर्भवती महिला जो सपनों में अपने होने वाले बच्चे की सेहत की जांच कराने अस्पताल पहुंचती है, लेकिन वहां उसे बताया जाता है कि अल्ट्रासाउंड मशीन तो है, लेकिन डॉक्टर नहीं है! यह कोई काल्पनिक कहानी नहीं, बल्कि बिहारशरीफ मॉडल सदर अस्पताल की…

  • Silav's daughter Priyanka An inspiring journey from playing rugby to becoming a police inspector

    सिलाव की बेटी प्रियंका: रग्बी खेल से दरोगा तक का प्रेरक सफर

    नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार के नालंदा जिले के सिलाव प्रखंड के बिद्दुपुर गांव की प्रियंका कुमारी की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। तमाम सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों को पार कर प्रियंका ने न केवल रग्बी के मैदान में अपनी पहचान बनाई, बल्कि आज वह बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर…

  • Bihar Sharif's heartbeat The unique identity of the British era Victoria Club

    बिहारशरीफ विक्टोरिया क्लब दिलाती है ब्रिटिश युग की याद

    नालंदा दर्पण डेस्क। बिहारशरीफ शहर के हृदय स्थल टिकुलीपर में स्थित विक्टोरिया क्लब आज भी ब्रिटिश युग की यादों को संजोए हुए है, जहां क्लब कल्चर की जीवंत परंपरा न केवल बरकरार है, बल्कि आधुनिकता के साथ घुलमिलकर एक नई ऊर्जा पैदा कर रही है। यह क्लब 120 वर्षों से अधिक…

  • Bihar Sharif Navratna Palace A priceless jewel of cultural heritage

    बिहारशरीफ नवरत्न महल: सांस्कृतिक धरोहर का एक अनमोल गहना

    नालंदा दर्पण डेस्क। बिहारशरीफ के मोगलकुआं में स्थित नवरत्न महल नालंदा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर का एक अनमोल रत्न है। करीब ढाई सौ साल पुराना यह भवन 18वीं सदी की स्थापत्य कला का उत्कृष्ट नमूना है, जो अपने समय का एक वातानुकूलित चमत्कार था। मोटी दीवारों और चार मजबूत स्तंभों…

  • Biharsharif Khadi Bhawan From glorious past to struggle for existence

    बिहारशरीफ खादी भवन: गौरवशाली अतीत से अस्तित्व की लड़ाई तक

    नालंदा दर्पण डेस्क। बिहारशरीफ नगर के हृदय में स्थित खादी भवन कभी आत्मनिर्भरता और स्वदेशी की मिसाल हुआ करता था। चार दशक पहले यहाँ लाखों का कारोबार होता था और खादी के परिधानों की सुगंध देश के कोने-कोने तक पहुँचती थी। लेकिन आज यह ऐतिहासिक भवन अपनी साख और अस्तित्व बचाने…