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कलश स्थापना के साथ शारदीय नवरात्र शुरु, भक्तिमय हुआ माहौल

Sharadiya Navratri begins with Kalash installation atmosphere becomes devotional 1
Sharadiya Navratri begins with Kalash installation, atmosphere becomes devotional

इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। शारदीय नवरात्र का पावन पर्व इस्लामपुर नगर में पूरे उत्साह और भक्ति के साथ शुरू हो चुका है। मंगलवार को कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा की पूजा-अर्चना का शुभारंभ हुआ, जिसने पूरे शहर को भक्तिमय माहौल में सराबोर कर दिया। इस्लामपुर के प्रसिद्ध श्री सिद्धपीठ मां बड़ी देवी मंडप को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

नवरात्रि के पहले दिन जगदंबा मैदान में हनुमत ध्वजरोहण का भव्य आयोजन किया गया। इसके बाद मां बड़ी देवी मंडप में वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ कलश स्थापना की गई। मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना से शहर का वातावरण भक्ति और उल्लास से भर गया। मंडप परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ और भक्ति भजनों की गूंज ने समारोह को और भी भव्य बना दिया।

बड़ी देवी पूजा प्रबंध समिति के अनुसार, 28 सितंबर की रात्रि में मां बड़ी देवी की प्रतिमा को मंडप में स्थापित किया जाएगा। नवरात्रि के दौरान 22 से 29 सितंबर तक मंडप परिसर में श्री धाम वृंदावन मथुरा से पधारे प्रख्यात कथा वाचक पंडित शिवम कृष्ण महाराज द्वारा श्रीमद् देवी भागवत कथा का प्रवचन होगा। यह कथा प्रतिदिन सायंकाल में आयोजित की जाएगी, जिसमें मां दुर्गा की महिमा और भक्ति का गुणगान होगा।

नवरात्रि के उत्सव को और भव्य बनाने के लिए 30 सितंबर और 1 अक्टूबर को रात्रि में भगवती जागरण का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान झारखंड के जामताड़ा से आए दूरदर्शन कलाकार कुमकुम बिहारी और उनकी टीम द्वारा भक्ति भजनों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं का मन मोहा जाएगा। इन आयोजनों से इस्लामपुर का नवरात्रि उत्सव और भी रंगारंग हो उठेगा।

शारदीय नवरात्रि के आगमन के साथ ही इस्लामपुर के चौराहों और बाजारों में पूजा सामग्री की दुकानों से रौनक बढ़ गई है। फूल, माला, अगरबत्ती, दीपक और अन्य पूजन सामग्री की दुकानों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। इस उत्सव ने स्थानीय व्यापार को भी नई गति प्रदान की है।

इस्लामपुर का दुर्गा पूजा मगध क्षेत्र में अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता के लिए प्रसिद्ध है। 18वीं शताब्दी से यहां दुर्गा पूजा का आयोजन किया जा रहा है, जो आज भी उसी उत्साह और भक्ति के साथ मनाया जाता है। विजय दशमी के दिन आयोजित होने वाला विजय जुलूस इस उत्सव का एक विशेष आकर्षण है, जिसमें हजारों लोग शामिल होते हैं।

इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में बड़ी देवी पूजा प्रबंध समिति, श्री सुभाष सेवा समिति और स्थानीय प्रशासन का महत्वपूर्ण योगदान है। इनके सहयोग से यह उत्सव शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न होता है। प्रशासन द्वारा सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं, ताकि श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के इस पर्व का आनंद ले सकें।

मुकेश भारतीय

मुकेश भारतीय वरिष्ठ पत्रकार हैं और राजनीति, प्रशासन और स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर लेखन-संपादन करते हैं। More »

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