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स्मार्ट क्लास की बत्ती गुल! डीएम ने दी सख्त चेतावनी,10 में ठीक करें स्मार्ट टीवी

एम कुंदन कुमार ही प्रदेश में 'उन्नयन योजना' की नींव रखने वाले अधिकारियों में से एक हैं। इस योजना के अंतर्गत वर्चुअल क्लासरूम के जरिए विषय विशेषज्ञों से ऑनलाइन पढ़ाई, बोर्ड परीक्षाओं के लिए अतिरिक्त कक्षाएं और अन्य विद्यालयों से इंटरएक्शन की सुविधा दी जाती है...

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए नालंदा के जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने अपनी पहली ही समीक्षा बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। बैठक में खुलासा हुआ कि जिले के 12 विद्यालयों में स्मार्ट टीवी या तो चोरी हो चुके हैं या फिर खराब हालत में हैं, जिससे ऑनलाइन शिक्षण पूरी तरह से बाधित हो गया है।

बच्चों की पढ़ाई बाधित क्यों? जब डीएम ने पूछा कि क्या सभी विद्यालयों में स्मार्ट टीवी काम कर रहे हैं तो जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) राज कुमार ने बताया कि कुल 12 स्कूलों में टीवी या तो क्षतिग्रस्त हैं या गायब हैं। इस पर डीएम ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “इसका मतलब यह है कि इन स्कूलों में ऑनलाइन क्लास ही नहीं हो रहे। क्या बच्चों की पढ़ाई यूं ही रुकी रहेगी?”

10 दिन की डेडलाइन, वरना कार्रवाई तयः डीएम कुंदन कुमार ने निर्देश दिया कि सभी संबंधित प्रधानाध्यापकों को 10 दिनों के भीतर स्मार्ट क्लास का संचालन फिर से शुरू करना होगा। इसके लिए आवश्यक उपकरणों की मरम्मत या खरीद विद्यालय विकास कोष या छात्र कोष से अनिवार्य रूप से कराई जाए।

कौन-कौन से स्कूल हैं प्रभावित? जिन विद्यालयों में स्मार्ट टीवी नहीं चल रहे उनमें राजकीयकृत रामलाल उच्च विद्यालय खपुरा (नगरनौसा), राम नगीना सिंह उच्च विद्यालय तेलमर (हरनौत), उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय नाहुब (राजगीर), उच्च माध्यमिक विद्यालय मेयार (राजगीर), उच्च माध्यमिक विद्यालय बाराखुर्द (नूरसराय), उच्च माध्यमिक विद्यालय गोन्दु बिगहा (करायपरशुराय), उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय हवेली (बिहारशरीफ), राजकीयकृत उच्च विद्यालय बदरवाली शेखपुरा (चण्डी), राजकीयकृत उच्च विद्यालय अमरावती (बिन्द), राजकीयकृत उच्च विद्यालय तारापुर (एकंगरसराय), उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय, कोविल (इस्लामपुर), उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय दररिया बिगहा (चण्डी) उनमें शामिल हैं।

उन्नयन क्लास की नींव रखने वाले डीएमः गौरतलब है कि डीएम कुंदन कुमार ही प्रदेश में ‘उन्नयन योजना’ की नींव रखने वाले अधिकारियों में से एक हैं। इस योजना के अंतर्गत वर्चुअल क्लासरूम के जरिए विषय विशेषज्ञों से ऑनलाइन पढ़ाई, बोर्ड परीक्षाओं के लिए अतिरिक्त कक्षाएं और अन्य विद्यालयों से इंटरएक्शन की सुविधा दी जाती है। कोरोना काल में इस मॉडल ने छात्रों की पढ़ाई में नई जान फूंकी थी।

अब भी लापरवाही क्यों? समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि कई विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की सुविधा होने के बावजूद तकनीकी खामियों और प्रशासनिक उदासीनता के कारण बच्चों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। डीएम ने स्पष्ट किया कि ऐसी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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