हिलसा (नालंदा दर्पण)। हिलसा अनुमंडल क्षेत्र के निवासियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। अब उत्पाद अधिनियम से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए बिहारशरीफ कोर्ट की लंबी यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। पटना उच्च न्यायालय ने हिलसा व्यवहार न्यायालय में उत्पाद अधिनियम के मामलों की सुनवाई के लिए एक विशेष न्यायालय के गठन को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से न केवल स्थानीय वकीलों और पक्षकारों को सुविधा होगी, बल्कि समय और धन की भी बचत होगी।
पटना उच्च न्यायालय के महानिबंधक प्रदीप कुमार मलिक द्वारा 19 अप्रैल को जारी पत्र के अनुसार हिलसा व्यवहार न्यायालय के कोर्ट नंबर 7 में अपर सत्र न्यायाधीश प्रमोद कुमार पाण्डेय को उत्पाद अधिनियम से संबंधित मामलों की सुनवाई के लिए पीठासीन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है।
हिलसा अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सतीश कुमार सिन्हा ने बताया कि इस विशेष न्यायालय के लिए कोर्ट और जज दोनों को निश्चित कर दिया गया है। अब अनुमंडल क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाले सभी उत्पाद अधिनियम से संबंधित मुकदमों का निपटारा हिलसा में ही होगा।
बता दें कि हिलसा अनुमंडल में मद्य निषेध थाना दो वर्ष पूर्व ही स्थापित हो चुका था। लेकिन इसके बावजूद उत्पाद अधिनियम से संबंधित मामले बिहारशरीफ कोर्ट में निष्पादित होते थे। बिहारशरीफ हिलसा से लगभग 40 किलोमीटर दूर है। वहां आने-जाने में पक्षकारों को समय और धन की हानि के साथ-साथ कई असुविधाओं का सामना करना पड़ता था।
हिलसा अधिवक्ता संघ ने इस समस्या को दूर करने के लिए वर्ष 2022 से ही पटना उच्च न्यायालय में अपनी मांग रखी थी। अधिवक्ता संघ ने पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीश सह नालंदा न्याय मंडल के निरीक्षी न्यायाधीश और हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को कई बार मांग पत्र सौंपकर हिलसा में विशेष न्यायालय की स्थापना की गुहार लगाई थी।
पटना उच्च न्यायालय के इस फैसले से हिलसा के अधिवक्ताओं और पक्षकारों में खुशी की लहर है। अधिवक्ता संघ के महासचिव युगल प्रसाद, सच्चिदानंद सिन्हा, कुमार राज, मनोरंजन सिंह, महामाय प्रसाद, अधिवक्ता कल्याण समिति के प्रदेश संयोजक इंद्रजीत चक्रवर्ती, आर्यन आर्क, दिलीप प्रसाद, मृत्युंजय मोहन मेहता, मो. एजाज अहमद, नागेंद्र प्रसाद, मितेंद्र कुमार, आशुतोष कुमार, अनिल कुमार, अभय कुमार, सतीश कुमार, राजेंद्र प्रसाद, विभा कुमारी, गायत्री कुमारी, मिथिलेश कुमार, मुरारी प्रसाद, प्रकाश कुमार, भरत प्रसाद सिंह, सुधांशु शेखर, दिनेश यादव, पंकज सोनभद्र, मितरंजन प्रसाद, अनुज कुमार, रंजीत कुमार, अविनाश कुमार सहित अन्य अधिवक्ताओं ने इस फैसले पर हर्ष व्यक्त किया है।
इस विशेष न्यायालय के गठन से न केवल न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी, बल्कि स्थानीय लोगों को बिहारशरीफ की लंबी यात्रा और आर्थिक बोझ से भी मुक्ति मिलेगी। हिलसा के निवासियों का मानना है कि यह फैसला क्षेत्र में न्याय तक पहुंच को और सुगम बनाएगा। अधिवक्ता का कहना है कि कि यह कदम हिलसा के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है और इससे स्थानीय न्याय व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
- पेपर लीक माफिया लूटन मुखिया की गिरफ्तारी के लिए SIT का गठन
- हिलसा नगर परिषद की बजट बैठक विवाद गहराया, वार्ड पार्षदों का विरोध जारी
- इस्लामपुर में पति के सामने महिला से गैंगरेप, एक आरोपी गिरफ्तार
- अब ई-रिक्शा से स्कूल नहीं जा सकेंगे स्कूली बच्चे, पुलिस करेगी कार्रवाई
- परवलपुर थाना पुलिस की सामने आए होश उड़ा देने वाले कारनामे








