Status of e-Shikshakosh Portal App: 40 फीसदी ही बने टीचरों के ई-अटेंडेंस, देखें प्रखंडवार आकड़ा

राजगीर (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के सरकारी स्कूलों में प्रधान शिक्षक एवं शिक्षकों का ऑनलाइन अटेंडेंस (Status of e-Shikshakosh Portal App) बनाने की शुरुआत कर दी गयी है। लेकिन चार दिन बाद भी लगभग 40 फीसदी शिक्षक हीं ऑनलाइन अटेंडेंस बना सके है। इससे शिक्षक कार्रवाई को लेकर काफी सहमे नजर आ रहे हैं।

इस जिले में 2450 सरकारी विद्यालय है, लेकिन ई-शिक्षा कोष ऐप से मात्र 1851 स्कूल के शिक्षक का हीं अटेंडेंस बना है। वह भी सभी शिक्षकों का नहीं लेकिन बड़ी बात तो यह है कि 599 स्कूल के एक भी शिक्षक इस ऐप के माध्यम से अटेंडेंस नहीं बना सके। ऐसे विद्यालय के शिक्षक बुरी तरह परेशान है।

शिक्षक इस बात को लेकर भयभीत है कि ई-अटेंडेंस नहीं बनने के कारण कही उनका वेतन भी तो नहीं मिल पाये। जिले के 20 प्रखंडों के 2450 विद्यालयों में 17022 शिक्षक है, जिसमें मात्र 5710 शिक्षकों ने सेल्फ एटेंडेंस बनाया है। जबकि 1204 शिक्षकों ने मॉर्क ऑन ड्यूटी अटेंडेंस बनाया है।

इस प्रकार 6914 शिक्षक हीं ई-अटेंडेंस बनाये है, जो कुल संख्या का 40.62 प्रतिशत है। अभी भी जिले के सरकारी विद्यालयों के 10108 शिक्षकों का अटेंडेंस मार्क नहीं हो सका है।

प्रखंडवार बात की जाय तो बिंद प्रखंड के 70 में 64 विद्यालयों के 451 में कुल 238 शिक्षक, कतरीसराय के 44 विद्यालयों में 36 स्कूल के 328 में से 168 शिक्षक, बेन प्रखंड के 101 विद्यालय में से 90 के 724 में से 314 शिक्षक, करायपरशुराय के 86 विद्यालय में से 71 के 519 में से 208 शिक्षक, नगरनौसा प्रखंड के 82 सरकारी स्कूल में से 66 विद्यालयों के शिक्षकों ने अटेंडेंस बनाया है। 593 शिक्षक में से 299 ने सेल्फ अटेंडेंस बनाया है।

जबकि थरथरी के 73 में से 52 विद्यालय के शिक्षक हीं अटेंडेंस बना सके है। 548 शिक्षकों में से 203 शिक्षकों का ई-अटेंडेंस बना है।

इसी प्रकार परबलपुर प्रखंड के 78 विद्यालय में से 55 विद्यालय का हीं अटेंडेंस बना है। यहां 548 शिक्षकों जिनमें 383 ने ऐप के माध्यम से में से 203 शिक्षक ने ई-अटेंडेंस अटेंडेंस बनाया है। राजगीर के 111 बनाया है।

जबकि रहुई प्रखंड के 127 विद्यालय में से 104 विद्यालय के शिक्षक ई-अटेंडेंस बनाये है। यहां शिक्षकों की कुल संख्या 897 है, में से 85 विद्यालय में हीं ई-अटेंडेंस बनाया जा सका है। यहां शिक्षकों की कुल संख्या 814 है जिसमें 324 ने इस ऐप के माध्यम से अटेंडेंस बनाया है।

इस्लामपुर के 209 में से 183 विद्यालय में हीं ई-अटेंडेंस बनाया जा सका है। यहां शिक्षकों की कुल संख्या 1309 है जिसमें 597 ने इस ऐप के माध्यम से अटेंडेंस बनाया है।

गिरियक के 83 में से 56 विद्यालय में हीं ई-अटेंडेंस बनाया जा सका है। यहां शिक्षकों की कुल संख्या 634 है जिसमें 244 ने इस ऐप के माध्यम से अटेंडेंस बनाया है।

सरमेरा के 91 में से 62 विद्यालय में हीं ई-अटेंडेंस बनाया जा सका है। यहां शिक्षकों की कुल संख्या 521 है जिसमें 212 ने इस ऐप के माध्यम से अटेंडेंस बनाया है।

सिलाव के 126 में से 94 विद्यालय में हीं ई-अटेंडेंस बनाया जा सका है। यहां शिक्षकों की कुल संख्या 977 है जिसमें 406 ने इस ऐप के माध्यम से अटेंडेंस बनाया है।

अस्थावां के 129 में से 94 विद्यालय में हीं ई-अटेंडेंस बनाया जा सका है। यहां शिक्षकों की कुल संख्या 906 है जिसमें 328 ने इस ऐप के माध्यम से अटेंडेंस बनाया है।

चंडी के 138 में से 97 विद्यालय में हीं अटेंडेंस बनाया है। यहां शिक्षकों की कुल संख्या 1031 है। जिसमें 380 ने इस ऐप के माध्यम से अटेंडेंस बनाया है।

बिहारशरीफ के 256 में से 212 विद्यालय में हीं ई-अटेंडेंस बनाया जा सका है। यहां शिक्षकों की कुल संख्या 1968 है जिसमें 799 ने इस ऐप के माध्यम से अटेंडेंस बनाया है।

हरनौत के 134 में से 88 विद्यालय में हीं ई-अटेंडेंस बनाया जा सका है। यहां शिक्षकों की कुल संख्या 972 है, जिसमें 335 ने इस ऐप के माध्यम से अटेंडेंस बनाया है।

हिलसा के 190 में से 141 विद्यालय में हीं ई-अटेंडेंस बनाया जा सका है। यहां शिक्षकों की कुल संख्या 1200 है जिसमें 538 ने इस ऐप के माध्यम से अटेंडेंस बनाया है।

नूरसराय के 138 में से 85 विद्यालय में हीं ई-अटेंडेंस बनाया जा सका है। यहां शिक्षकों की कुल संख्या 1085 है जिसमें 321 ने इस ऐप के माध्यम से अटेंडेंस बनाया है।

एकंगरसराय प्रखंड के 184 में से 116 विद्यालय में हीं ई-अटेंडेंस बनाया जा सका है। यहां शिक्षकों की कुल संख्या 1052 है जिसमें 407 ने इस ऐप के माध्यम से अटेंडेंस बनाया है।

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नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »

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