
नगरनौसा (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले में नवस्थापित नगरनौसा डिग्री कॉलेज के स्थान चयन को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। एक ओर छात्र संगठन और कुछ स्थानीय लोग कॉलेज को नगरनौसा बाजार स्थित बालिका उच्च विद्यालय में संचालित करने की मांग को लेकर सड़क जाम और धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में ग्रामीण, छात्र और अभिभावक लोदीपुर में ही कॉलेज संचालन के पक्ष में खड़े दिखाई दे रहे हैं।
शनिवार को नगरनौसा बस स्टैंड के समीप एनएच-431 को जाम कर प्रदर्शन किया गया, जिससे घंटों यातायात प्रभावित रहा। आंदोलनकारियों का आरोप है कि कॉलेज को मुख्यालय से हटाकर कैला पंचायत अंतर्गत लोदीपुर में संचालित किया जा रहा है।
हालांकि स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या नगरनौसा बाजार स्थित बालिका उच्च विद्यालय में डिग्री कॉलेज का संचालन व्यवहारिक रूप से संभव है? जानकारी के अनुसार बालिका विद्यालय पहले से संचालित है और वहां जगह एवं आधारभूत संरचना सीमित है।
दूसरी ओर लोदीपुर स्थित मगध विद्यापीठ उच्च विद्यालय परिसर में लगभग 4 एकड़ 63 डिसमिल जमीन और करीब 20 कमरे उपलब्ध हैं, जो कॉलेज संचालन के लिए बेहतर विकल्प माना जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगरनौसा बाजार और लोदीपुर के बीच अब पहले जैसी दूरी नहीं रही। तेजी से विकसित हो रहे इस क्षेत्र में लोदीपुर भी अब बाजार और मुख्य गतिविधियों से जुड़ा इलाका बन चुका है। ऐसे में केवल स्थान को मुद्दा बनाकर आंदोलन करना शिक्षा से ज्यादा राजनीतिक सक्रियता प्रतीत हो रहा है।
कई अभिभावकों और छात्रों ने यह भी तर्क दिया कि बाजार क्षेत्र में ट्रैफिक, शोर-शराबा और भीड़भाड़ के कारण पढ़ाई का माहौल प्रभावित हो सकता है, जबकि लोदीपुर अपेक्षाकृत शांत और सुरक्षित वातावरण प्रदान करता है।
फिलहाल प्रशासन दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने की कोशिश में जुटा है। लेकिन सवाल यही है कि डिग्री कॉलेज का उद्देश्य छात्रों को बेहतर शिक्षा और स्थायी शैक्षणिक वातावरण देना है या फिर इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर आंदोलन की जमीन तैयार करना।






