नगरनौसा (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिले के नगरनौसा प्रखंड में हाल ही में स्थापित डिग्री कॉलेज के स्थान को लेकर विवाद तेज हो गया है। एक ओर स्थानीय ग्रामीण और लोदीपुर के निवासी कॉलेज को वहीं रखने की मांग कर रहे हैं, वहीं एसएफआई (स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) सहित दूसरे पक्ष ने इसे नगरनौसा बाजार स्थित बालिका उच्च विद्यालय में शिफ्ट करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन छेड़ रखा है।
लोदीपुर स्थित मगध विद्यापीठ उच्च विद्यालय परिसर में कॉलेज का संचालन शुरू हो चुका है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यहां 4 एकड़ 63 डिसमिल जमीन और 20 कमरे पहले से उपलब्ध हैं, जो कॉलेज संचालन के लिए पर्याप्त हैं।
स्थानीय निवासी कवीन्द्र पासवान जैसे लोगों का तर्क है कि कई प्रखंडों में मुख्यालय से दूर कॉलेज सफलतापूर्वक चल रहे हैं। वे शांत वातावरण और बेहतर सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बाजार क्षेत्र में शिफ्ट करने का विरोध कर रहे हैं। छात्राओं ने खासतौर पर बाजार की भीड़, शोर-शराबे और सुरक्षा की चिंता जताई है।
एसएफआई के नेतृत्व में 21 मई 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू हो गई है। 20 मई को एनएच-431 को जाम कर विरोध प्रदर्शन किया गया, जिसमें एक छात्रा बेहोश भी हो गई। एसएफआई की राज्य अध्यक्ष कांति कुमारी ने आरोप लगाया कि लंबे संघर्ष के बाद मिले कॉलेज को मुख्यालय से हटाकर कैला पंचायत के लोदीपुर में शिफ्ट कर दिया गया।
उनकी मांग है कि कॉलेज को नगरनौसा बाजार के बालिका उच्च विद्यालय में संचालित किया जाए और प्रखंड मुख्यालय के आसपास अवैध कब्जे वाली सरकारी जमीन खाली कर नया भवन बनाया जाए।
ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोग राजनीतिक लाभ के लिए कॉलेज को बाजार शिफ्ट कराने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने शिक्षा को राजनीति से दूर रखने की अपील की है।
बता दें कि 11 मई 2026 को पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के अंतर्गत कॉलेज ऑफ कॉमर्स आर्ट्स एंड साइंस पटना के राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. प्रोफेसर संजय कुमार ने नगरनौसा डिग्री महाविद्यालय के प्राचार्य के रूप में पदभार संभाल लिया। फिलहाल कॉलेज लोदीपुर से ही संचालित हो रहा है।
प्रखंड कार्यालय पर धरना प्रदर्शन जारी है और दोनों पक्ष अपनी-अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। स्थानीय प्रशासन से इस विवाद का शीघ्र समाधान निकालने की अपेक्षा की जा रही है, ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।






