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शेखपुरा-बिहारशरीफ-दनियावां रेलखंड पर 60 KM प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ी ट्रेन

नालंदा दर्पण डेस्क। शेखपुरा-बिहारशरीफ-दनियावां रेलखंड पर ट्रेनों के परिचालन का लंबे समय से प्रतीक्षित सपना अब हकीकत में बदलने जा रहा है। नवनिर्मित रेल लाइन का कार्य पूर्ण होने के बाद कोलकाता से आए रेलवे के संरक्षा आयुक्त सुमित रंजन ने इस रेलखंड की सुरक्षा जांच के लिए विस्तृत निरीक्षण किया।

उनके साथ दानापुर रेल मंडल के डीआरएम विनोद कुमार भी मौजूद थे। इस निरीक्षण के दौरान रेलखंड की तकनीकी और सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई। इसके बाद अब इस मार्ग पर जल्द ही ट्रेनों का नियमित परिचालन शुरू होने की उम्मीद जगी है।

संरक्षा आयुक्त सुमित रंजन ने अपनी जांच की शुरुआत शेखपुरा रेलवे स्टेशन से की। वह विशेष ट्रेन के जरिए सरसा जमालपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे। उन्होंने नवनिर्मित स्टेशन परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके बाद मोटर संचालित ट्रॉली के माध्यम से वह सरसा जमालपुर से बरबीघा रेलवे स्टेशन पहुंचे।

इस दौरान उन्होंने रेलवे लाइन पर बने पुल-पुलियों, एनएच 333 पर निर्मित क्रॉसिंग और विद्युतीकरण कार्यों का जायजा लिया। बरबीघा स्टेशन के निरीक्षण के बाद वह मोटर ट्रॉली से अस्थावां रेलवे स्टेशन के लिए रवाना हुए। इस बीच उनकी विशेष ट्रेन भी सरसा जमालपुर से बरबीघा होते हुए अस्थावां तक पहुंची।

निरीक्षण के दौरान रेलखंड पर हाई-स्पीड ट्रेन का ट्रायल भी किया गया। संरक्षा आयुक्त ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सरसा जमालपुर से 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाई गई। इसके बाद अस्थावां रेलवे स्टेशन तक ट्रेन को 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ाया गया।

इस ट्रायल का उद्देश्य रेल पटरियों की खामियों को पहचानना और उन्हें दुरुस्त करना था। संरक्षा आयुक्त ने आश्वासन दिया कि इन कमियों को ठीक करने के बाद इस रेलखंड पर ट्रेनों का नियमित परिचालन शुरू हो जाएगा।

शेखपुरा-बरबीघा-बिहारशरीफ होते हुए दनियावां और पटना को जोड़ने वाला यह रेलखंड क्षेत्रवासियों के लिए एक वरदान साबित होगा। इस मार्ग पर ट्रेनों के परिचालन से नालंदा, शेखपुरा और आसपास के जिलों की कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होगा। यह रेलखंड न केवल यात्रियों के लिए सुविधाजनक होगा, बल्कि आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति देगा। अक्टूबर 2025 से इस मार्ग पर ट्रेनों का परिचालन शुरू होने की संभावना है, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में काफी सहूलियत मिलेगी।

बता दें कि इस रेलखंड की नींव वर्ष 2003 में तत्कालीन रेलमंत्री नीतीश कुमार ने शेखपुरा में रखी थी। इस समारोह में शेखपुरा के तत्कालीन सांसद राजो सिंह भी उपस्थित थे। उस समय इस परियोजना को वर्ष 2007 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था।

हालांकि कई तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से इसमें देरी हुई। शेखपुरा से सरसा जमालपुर तक 11.8 किलोमीटर के रेलखंड का ट्रायल वर्ष 2019 में ही पूरा हो गया था। अब सरसा जमालपुर से बरबीघा और अस्थावां तक रेलखंड के कार्य पूरे होने के बाद ट्रायल शुरू हो चुका है।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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