बिग ब्रेकिंगनालंदाबिहार शरीफ

हॉकी मैच नहीं देख पाया तो दारोगा पुत्र ने थाना क्वार्टर में लगा ली फांसी

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा जिला मुख्यालय बिहारशरीफ नगर में पुलिस एएसआई धर्मेश कुमार के 20 वर्षीय पुत्र रुपेश कुमार ने थाना क्वार्टर में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। धर्मेश कुमार मधेपुरा जिले के निवासी हैं और वर्तमान में नालंदा में कार्यरत हैं। घटना के वक्त धर्मेश की ड्यूटी राजगीर में चल रहे हॉकी मैच के दौरान लगी थी।

रुपेश कुमार बुधवार को हॉकी मैच देखने के लिए राजगीर जाने के लिए घर से निकला था, लेकिन ट्रैफिक के कारण उसे वापस लौटना पड़ा। घर लौटने के बाद वह अपने कमरे में चला गया और काफी देर तक बाहर नहीं आया।

रात में जब उसके पिता धर्मेश ड्यूटी से लौटे तो उन्होंने अपने बेटे को बुलाया। कमरे से कोई आवाज न आने पर उन्होंने दरवाजा तोड़ने की कोशिश की। पुलिस अधिकारियों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया, जहां रुपेश को फांसी के फंदे से लटका पाया गया।

परिजनों के अनुसार रुपेश दो दिन पहले ही अपने गांव से लौटा था और वह काफी सामान्य दिख रहा था। कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए बिहारशरीफ सदर अस्पताल भेज दिया और मामले की जांच में जुट गई है।

रुपेश के परिवार और आस-पास के लोगों में इस घटना के बाद गहरा शोक व्याप्त है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि कहीं हॉकी मैच न देख पाने के कारण ही युवक ने यह कठोर कदम तो नहीं उठाया।

Nalanda Darpan

नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के संचालक-संपादक वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

शांति और ध्यान का अद्भुत अनुभव बोधगया वैशाली का विश्व शांति स्तूप विक्रमशिला विश्वविद्यालय के बहुरेंगे दिन राजगीर सोन भंडारः दुनिया का सबसे रहस्यमय गुफा