हिलसा (नालंदा दर्पण)। परवलपुर थाना क्षेत्र के ताराबीघा मिल्कीपर गांव में शराब माफियाओं की दबंगई का एक सनसनीखेज मामला (Video Viral) सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में खलबली मचा दी है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में कुछ लोग खुलेआम राइफल लहराते हुए ताबड़तोड़ गोलीबारी करते नजर आ रहे हैं। इस घटना ने न केवल स्थानीय लोगों में दहशत फैलाई है, बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना पीलीच पंचायत के ताराबीघा मिल्कीपर गांव की है। यहां आपसी रंजिश के चलते शराब माफियाओं ने गांव में आतंक मचाया। वायरल वीडियो में राइफल लिए एक व्यक्ति, जिसकी पहचान अवधेश गोप के रूप में हुई है और उसके साथ एक युवक अनुज कुमार, जो उसका पोता बताया जा रहा है, हथियार लहराते हुए दिखाई दे रहे हैं। दोनों इसी गांव के निवासी हैं। वीडियो में उनकी बेखौफ हरकतें और गोलीबारी की घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार अनुज कुमार लंबे समय से अवैध शराब के कारोबार में लिप्त है। जब गांव वालों ने उसके इस गैरकानूनी धंधे का विरोध किया तो उसने अपने दादा अवधेश गोप के साथ मिलकर हथियार उठा लिए। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि अनुज और उसके साथियों ने उनके घर पर धावा बोलकर अंधाधुंध फायरिंग की, जिससे गांव में दहशत का माहौल बन गया।
परवलपुर थानाध्यक्ष संजीव कुमार ने बताया कि यह घटना दोनों पक्षों के बीच पुराने जमीनी विवाद से जुड़ी हुई है। इस रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके परिणामस्वरूप यह गोलीबारी हुई। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की है और कुल 12 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है।
थानाध्यक्ष ने आश्वासन दिया है कि पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू करते हुए छापेमारी की और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। जल्द ही सभी दोषियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना नालंदा जिले में शराब माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस को दर्शाती है। बिहार में शराबबंदी लागू होने के बावजूद अवैध शराब का कारोबार कई क्षेत्रों में धड़ल्ले से चल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शराब माफिया न केवल गैरकानूनी धंधे में लिप्त हैं, बल्कि अपने प्रभाव को बनाए रखने के लिए हथियारों का सहारा भी ले रहे हैं। इस घटना ने शराबबंदी के प्रभावी अमल पर सवाल उठाए हैं और प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती पेश की है।
वायरल वीडियो ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है। सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे इस वीडियो ने न केवल पुलिस को त्वरित कार्रवाई के लिए मजबूर किया, बल्कि जनता के बीच भी इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा शुरू कर दी है। लोग इस बात पर हैरानी जता रहे हैं कि शराबबंदी के बावजूद माफिया इतने बेखौफ कैसे हो गए हैं कि वे खुलेआम हथियार लहराकर गोलीबारी कर रहे हैं।
बहरहाल यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाती है, बल्कि शराब माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है। प्रशासन इस मामले में निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई करे। ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।





