खेती-बारीनालंदाबिग ब्रेकिंगबिहार शरीफ

CM निजी नलकूप योजना: किसानों के लिए सुनहरा अवसर, 31 जनवरी तक ऐसे करें आवेदन

निजी नलकूप योजना बिहार के मुख्यमंत्री के अति महत्वाकांक्षी सात निश्चय-टू के तहत यह पहल किसानों के लिए हर खेत तक पानी पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण कदम है। जिससे कृषि क्षेत्र में वृद्धि और समृद्धि की उम्मीद की जा सकती है…

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहारशरीफ जिले के किसानों के लिए मुख्यमंत्री (CM) निजी नलकूप योजना एक महत्वपूर्ण सौगात लेकर आई है। सात निश्चय-टू के तहत हर खेत तक सिंचाई के पानी की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने यह योजना शुरू की है। इस योजना में किसानों को अपने खेतों में नलकूप लगाने के लिए 50 से 80 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाएगा। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन की तिथि अब तीसरी बार बढ़ा दी गई है, और अब 31 जनवरी 2025 तक आवेदन किए जा सकते हैं।

मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना का उद्देश्य हर खेत तक सिंचाई के पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना है, जो खासकर सूखा प्रभावित क्षेत्रों में किसानों के लिए वरदान साबित हो सकता है। इस योजना के तहत राज्य सरकार किसानों को नलकूप लगाने के लिए अनुदान प्रदान करेगी। यह अनुदान विभिन्न वर्गों के किसानों के लिए अलग-अलग निर्धारित किया गया है।

इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसानों को अपनी कृषि योग्य भूमि पर निजी नलकूप स्थापित करने की अनुमति होगी। नलकूप की गहराई और मोटर पंप की क्षमता के आधार पर अनुदान राशि निर्धारित की जाएगी।

उदाहरण स्वरूप 15 से 70 मीटर तक गहराई वाले नलकूप के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। 2-5 एचपी मोटर पंप पर सामान्य वर्ग के लिए 10000 रुपये, पिछड़ा वर्ग के लिए 14000 रुपये और अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के लिए 16000 रुपये का अनुदान मिलेगा। 5 एचपी मोटर पर सामान्य वर्ग के लिए 15000 रुपये, पिछड़ा वर्ग के लिए 21000 रुपये और अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के लिए 24000 रुपये का अनुदान मिलेगा।

किसान ऑनलाइन आवेदन के लिए लघु सिंचाई विभाग की वेबसाइट http://mwrd.bih.nic.in पर जा सकते हैं। इस योजना का लाभ एक किसान केवल एक बार उठा सकता है और आवेदन के लिए कृषि योग्य भूमि की आवश्यकता होगी। आवेदन के साथ आधार लिंक बैंक खाता भी अनिवार्य होगा।

अब तक 813 किसानों ने इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है और यह संख्या और बढ़ने की उम्मीद है। आवेदन की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2025 है। जिससे यह योजना किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर साबित हो सकती है। किसान इस योजना का लाभ उठाने के लिए जल्दी से आवेदन करें और अपने खेतों को जलवर्धन की सुविधा से सुसज्जित करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

शांति और ध्यान का अद्भुत अनुभव बोधगया वैशाली का विश्व शांति स्तूप विक्रमशिला विश्वविद्यालय के बहुरेंगे दिन राजगीर सोन भंडारः दुनिया का सबसे रहस्यमय गुफा