खेती-बारीनालंदापर्यावरणबिग ब्रेकिंगबिहार शरीफ

जानें सप्ताह भर से कहां-क्यों ठिठका मानसून !

फिलहाल अगले दो दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव की संभावना नहीं है। लेकिन मॉनसून ब्रेक कब तक रहेगा, इसका अब तक कोई सटीक पूर्वानुमान नहीं दिया गया है। स्थिति पूरी तरह वायुमंडलीय घटनाओं और हवाओं के व्यवहार पर निर्भर है...

Know where and why the monsoon has been stagnant for a week!
Know where and why the monsoon has been stagnant for a week!

नालंदा दर्पण डेस्क। बिहार में इस साल फिर से मॉनसून ब्रेक की स्थिति बन गई है, और यह लगातार तीसरे वर्ष हो रहा है जब मानसून की यह अनिश्चितता देखने को मिल रही है। मौसम विभाग के अनुसार 29 मई से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून बिहार से ठीक ऊपर पश्चिम बंगाल में ठहरा हुआ है। पिछले छह दिनों से यह स्थिति जस की तस बनी हुई है, जिससे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां लगभग ठप हैं।

मौसम वैज्ञानिक इस स्थिति को ‘मॉनसून ब्रेक’ कह रहे हैं यानी जब मॉनसून का सिस्टम एक स्थान पर रुक जाता है और बरसात नहीं होती। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी आशीष कुमार ने बताया कि इस रुकावट की मुख्य वजह पुरवैया (पूर्वी हवा) का कमजोर पड़ना है, जबकि पछुआ (पश्चिमी हवाएं) ज्यादा ताकतवर होकर चल रही हैं।

कहां से आ रही है दिक्कत? अरब सागर से उठने वाली पछुआ हवाएं सीधे उड़ीसा और पश्चिम बंगाल होते हुए उत्तर-पूर्व भारत की ओर जा रही हैं। इस प्रक्रिया में वे बंगाल की खाड़ी तक पहुंच रही हैं, जिससे नमी युक्त बादलों को आगे बढ़ाने वाली पुरवैया हवाएं कमजोर हो रही हैं। परिणामस्वरूप, मॉनसून आगे नहीं बढ़ पा रहा है और बिहार में रुकाव की स्थिति बनी हुई है।

जलवायु परिवर्तन का असर? मौसम वैज्ञानिक इसे सीधे तौर पर क्लाइमेट चेंज से जोड़ रहे हैं। आशीष कुमार के मुताबिक ऐसे रुकावट वाले पैटर्न पहले इतने सामान्य नहीं थे। अब यह लगातार तीसरे साल हो रहा है, जो एक चिंताजनक संकेत है।

बिहार में मॉनसून कब आता है? सामान्य तौर पर बिहार में मॉनसून जून के तीसरे सप्ताह में प्रवेश करता है। इस साल मॉनसून ने 1 जून को केरल से तेज़ी से आगे बढ़ते हुए बंगाल तक दस्तक दी थी, लेकिन 6 दिन से वह वहीं पर रुका हुआ है। अगर हम इतिहास की बात करें तो वर्ष 2006 में मॉनसून सबसे पहले 6 जून को बिहार पहुंचा था। लेकिन उस साल भी राज्य में सामान्य से 11% कम वर्षा हुई थी।

फिलहाल कैसी है मौसम की स्थिति? राज्य में फिलहाल मॉनसून भले ही स्थिर हो, लेकिन अन्य मौसमी सिस्टम जैसे ट्रफ लाइन, पश्चिमी विक्षोभ और अपेक्षित साइक्लोनिक सर्कुलेशन की वजह से आंधी और हल्की बारिश की स्थिति बनी हुई है। खासकर पूर्वी बिहार में अगले दो दिनों तक तेज़ आंधी और बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट, जबकि अन्य हिस्सों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है।

फिलहाल अगले दो दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव की संभावना नहीं है। लेकिन मॉनसून ब्रेक कब तक रहेगा, इसका अब तक कोई सटीक पूर्वानुमान नहीं दिया गया है। स्थिति पूरी तरह वायुमंडलीय घटनाओं और हवाओं के व्यवहार पर निर्भर है।

Mukesh Bhartiy

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.