ACS सिद्धार्थ का शिक्षकों को बड़ा टास्क, चुनाव से पहले पूरा करें ये काम

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) डॉ. एस. सिद्धार्थ ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को कक्षा संचालन के लिए नए और प्रभावी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों का उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई में गुणवत्ता लाना और आगामी विधानसभा चुनाव के कारण होने वाली संभावित रुकावटों से बचना है।
डॉ. सिद्धार्थ ने शिक्षकों को सलाह दी है कि वे कक्षा में एक जगह बैठने के बजाय नियमित रूप से भ्रमण करें और सभी बच्चों पर बराबर ध्यान दें। साथ ही, उन्होंने चुनाव से पहले पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करने का भी निर्देश दिया है।
जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों के साथ आयोजित एक कार्यशाला में डॉ. सिद्धार्थ ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि शिक्षक कक्षा में एक ही स्थान पर बैठकर पढ़ाते हैं और वहीं से बच्चों पर नजर रखते हैं। इससे कई बार पीछे बैठे बच्चे पढ़ाए जा रहे विषय पर ध्यान नहीं देते या अन्य चैप्टर खोलकर बैठे रहते हैं।
उन्होंने शिक्षकों को सुझाव दिया कि वे कक्षा में घूमकर सभी बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें, ताकि हर बच्चा पढ़ाई में रुचि ले और विषय को गंभीरता से समझे।
इसके अलावा उन्होंने शिक्षकों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि बच्चे कक्षा में सक्रिय रूप से भाग लें। इससे न केवल शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि बच्चों का शैक्षणिक प्रदर्शन भी बेहतर होगा।
डॉ. सिद्धार्थ ने कार्यशाला में यह भी बताया कि साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव में शिक्षकों को विभिन्न जिम्मेदारियां निभानी पड़ सकती हैं। ऐसे में पढ़ाई और पाठ्यक्रम पर इसका असर न पड़े, इसके लिए पहले से ही सिलेबस पूरा करने की रणनीति बनाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान शिक्षकों की ड्यूटी लगने से पढ़ाई में व्यवधान हो सकता है। इसलिए यह जरूरी है कि हम अभी से पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करने की दिशा में काम करें।
डॉ. सिद्धार्थ के निर्देशों के बाद राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने इन सुझावों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। SCERT ने शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम और दिशा-निर्देश तैयार करने पर काम शुरू किया है। ताकि कक्षा में शिक्षण की गुणवत्ता को बढ़ाया जा सके। साथ ही समयबद्ध तरीके से पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए स्कूलों को विशेष रणनीति अपनाने के लिए कहा गया है।





