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अब ऐसे मकान मालिकों को देना होगा कमर्शियल होल्डिंग टैक्स

चंडी (नालंदा दर्पण)। चंडी नगर पंचायत में अब मकान मालिकों के लिए एक नया नियम लागू होने जा रहा है। यदि आप अपने घर में किराएदार रखते हैं, तो आपको अब व्यावसायिक होल्डिंग टैक्स देना होगा। इस नए नियम के तहत, किराए पर दी गई संपत्तियों को व्यावसायिक श्रेणी में माना जाएगा। जिसके कारण मकान मालिकों को सामान्य होल्डिंग टैक्स की तुलना में अधिक कर चुकाना पड़ेगा।

चंडी नगर पंचायत के गठन के बाद, प्रशासन ने होल्डिंग टैक्स वसूली की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। इसके लिए आवासीय और व्यावसायिक भवनों के साथ-साथ सड़कों का नए सिरे से वर्गीकरण किया गया है।

कार्यपालक पदाधिकारी वरुण कुमार दुबे ने बताया कि होल्डिंग टैक्स का निर्धारण करने के लिए एक विशेष एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह एजेंसी घर-घर जाकर मकानों का किराया और अन्य विवरणों का आकलन कर रही है।

उन्होंने बताया कि इस टैक्स से नगर पंचायत को लगभग 60 लाख रुपये की अनुमानित आय प्राप्त होने की उम्मीद है। हालांकि यह लक्ष्य क्षेत्र की आबादी और क्षमता के आधार पर बढ़ या घट सकता है। टैक्स वसूली को सुचारू बनाने के लिए नगर पंचायत को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। प्रधान मुख्य सड़क, मुख्य सड़क और सामान्य सड़क। इन श्रेणियों के आधार पर होल्डिंग टैक्स की दरें निर्धारित की गई हैं।

चंडी नगर पंचायत में सड़कों को निम्नलिखित आधार पर वर्गीकृत किया गया है:

प्रधान मुख्य सड़क:

    • चिरैया पुल से जैतीपुर और चंडी मेन मुहाने पुल से गोलपुर मेन रोड तक।
    • जैतीपुर एनएच 30ए मोड़ से एसएच 78 होते हुए हनुमानगढ़ नगर पंचायत की सीमा तक।
    • एसएच 78 चिरैया पुल से योगिया मोड़ होते हुए नगर पंचायत की सीमा तक।
    • टैक्स दरें:
      • पूरी तरह व्यावसायिक: 22 रुपये प्रति वर्ग फुट।
      • मकान और दुकान: 14 रुपये प्रति वर्ग फुट।
      • केवल मकान: 7 रुपये प्रति वर्ग फुट।

मुख्य सड़क:

    • एनएच-30ए जैतीपुर मोड़ से महेशपुर रोड में नगर पंचायत की सीमा तक।
    • पंचायत भवन चंडी से योगिया मोड़ तक।
    • पथ निर्माण विभाग कार्यालय मेन रोड से शांति कुंज वाले रोड में एसएच-78 तक।
    • पथ निर्माण विभाग के सड़क से स्टेशन रोड, भगवानपुर मुसहरी होते हुए नगर पंचायत की सीमा तक।
    • टैक्स दरें:
      • पूरी तरह व्यावसायिक: 14 रुपये प्रति वर्ग फुट।
      • मकान और दुकान: 10 रुपये प्रति वर्ग फुट।
      • केवल मकान: 5 रुपये प्रति वर्ग फुट।

सामान्य सड़क:

    • उपरोक्त दोनों श्रेणियों को छोड़कर अन्य सभी मार्ग।
    • टैक्स दरें:
      • पूरी तरह व्यावसायिक: 7 रुपये प्रति वर्ग फुट
      • मकान और दुकान: 5 रुपये प्रति वर्ग फुट
      • केवल मकान: 3 रुपये प्रति वर्ग फुट

कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि होल्डिंग टैक्स वसूली के लिए चल रहा सर्वे कार्य अपने अंतिम चरण में है। सर्वे पूरा होने के बाद सभी व्यावसायिक संस्थानों के लिए ट्रेड लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।

इसके अलावा टैक्स भुगतान को आसान बनाने के लिए प्रत्येक मकान मालिक को एक क्यूआर कोड प्रदान किया जाएगा। इस क्यूआर कोड में होल्डिंग टैक्स, पानी का शुल्क, कचरा शुल्क और अन्य संबंधित शुल्क शामिल होंगे।

इस नए नियम से उन मकान मालिकों पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ेगा, जो अपने घरों को किराए पर दे रहे हैं। अब तक सामान्य होल्डिंग टैक्स देने वाले मकान मालिकों को अब व्यावसायिक दरों पर टैक्स देना होगा। जिससे उनकी आर्थिक जिम्मेदारी बढ़ जाएगी।

हालांकि, नगर पंचायत का कहना है कि इस टैक्स से प्राप्त आय का उपयोग क्षेत्र के विकास और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए नगर पंचायत कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।

Mukesh Bhartiy

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (Mukesh Bhartiy) पिछले 35 वर्षों से समाचार लेखक, संपादक और संचार विशेषज्ञ के रूप में सक्रिय हैं। उन्हें समसामयिक राजनीति, सामाजिक मुद्दों, स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय पत्रकारिता पर गहरी पकड़ और विश्लेषणात्मक अनुभव है। वे तथ्य आधारित, निष्पक्ष और भरोसेमंद रिपोर्टिंग के माध्यम से पाठकों तक ताज़ा खबरें और सटीक जानकारी पहुँचाने के लिए जाने जाते हैं। एक्सपर्ट मीडिया न्यूज़ (Expert Media News) सर्विस द्वारा प्रकाशित-प्रसारित नालंदा दर्पण (Nalanda Darpan) के माध्यम से वे स्थानीय समाचार, राजनीतिक विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हैं। उनका मानना है कि स्थानीय पत्रकारिता का उद्देश्य केवल खबर देना नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी, प्रमाण और जनहित के साथ सामने रखना है। ताकि एक स्वस्थ समाज और स्वच्छ व्यवस्था की परिकल्पना साकार हो सके। More »

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