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राजगीर मलमास मेला की बंदोबस्ती ने रचा इतिहास, लगी 7.32 करोड़ की रिकॉर्ड बोली

“राजगीर मलमास मेला की बंदोबस्ती प्रक्रिया के दौरान अनुमंडलीय सभागार परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। प्रवेश द्वार, पोर्टिको, सीढ़ियों, बरामदे और सभागार के अंदर अलग-अलग दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी तथा पुलिस बल की तैनाती की गई थी…

राजगीर (नालंदा दर्पण)। राजकीय राजगीर मलमास मेला की इस वर्ष की बंदोबस्ती ने नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। अनुमंडलीय सभागार में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच खुली डाक प्रक्रिया के माध्यम से मेला ठेका 7 करोड़ 32 लाख 41 हजार रुपये की रिकॉर्ड उच्चतम बोली पर संपन्न हुआ। पहली बार इतनी बड़ी राशि पर मेला की बंदोबस्ती तय होने से यह आयोजन चर्चा का केंद्र बन गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह बंदोबस्ती संजय कुमार सिंह, प्रदीप कुमार, धनंजय कुमार सिंह उर्फ सोनी सिंह तथा अशोक कुमार राय के समूह के नाम हुई। नगर परिषद द्वारा इस वर्ष मेले की सरकारी आरक्षित बोली 7 करोड़ 30 लाख 25 हजार रुपये निर्धारित की गई थी, जिसे सफल ठेकेदारों ने पार करते हुए नया इतिहास रच दिया।

बंदोबस्ती प्रक्रिया के दौरान अनुमंडलीय सभागार परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। प्रवेश द्वार, पोर्टिको, सीढ़ियों, बरामदे और सभागार के अंदर अलग-अलग दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी तथा पुलिस बल की तैनाती की गई थी। पूरी प्रक्रिया की निगरानी अनुमंडल पदाधिकारी सूर्य प्रकाश गुप्ता की देखरेख में संपन्न हुई।

एसडीओ ने बताया कि मलमास मेला के लिए कुल 73 एकड़ से अधिक भूमि चिन्हित है, जिसमें से 41.51 एकड़ क्षेत्र में मेला बंदोबस्ती की गई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि द्वितीय स्थान पर रहे राकेश कुमार और अनिल सिंह की ओर से 7 करोड़ 32 लाख 21 हजार रुपये की अंतिम बोली लगाई गई थी।

सफल ठेकेदारों से बंदोबस्ती राशि का आधा हिस्सा को ही जमा करा लिया गया है, जबकि शेष राशि मेला आरंभ होने से पहले जमा करने का निर्देश दिया गया है। राशि की गिनती के लिए बैंककर्मियों द्वारा कई छोटे-बड़े नोट गिनने वाले मशीनों की व्यवस्था की गई थी।

प्रशासन ने इस बार सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। एसडीओ सूर्य प्रकाश गुप्ता ने स्पष्ट किया कि पिछली घटनाओं से सबक लेते हुए तीर्थयात्रियों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। ठेकेदारों को निर्देश दिया गया है कि वे मेला क्षेत्र के उपयोग का विस्तृत ब्लूप्रिंट प्रशासन को उपलब्ध कराएं।

साथ ही मेले में लगने वाले थिएटर और सर्कस के लिए भवन, बिजली और अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना अनिवार्य किया गया है। प्रवेश और निकास की समुचित व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण तथा आपदा प्रबंधन के दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करने पर विशेष जोर दिया गया है।

सफल ठेकेदार संजय कुमार सिंह ने प्रशासन से सहयोग की अपेक्षा जताते हुए कहा कि इस बार मेले को अधिक व्यवस्थित, आकर्षक और यादगार बनाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने मेला क्षेत्र से अतिक्रमण हटाने की भी मांग की, ताकि संचालन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

कुल मिलाकर इस वर्ष का राजगीर मलमास मेला भव्यता, सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन के साथ नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।

Nalanda Darpan

वरिष्ठ पत्रकार मुकेश भारतीय (mukesh bhartiy) पिछले तीन दशक से राजनीति, अर्थ, अधिकार, प्रशासन, पर्यावरण, पर्यटन, धरोहर, खेल, मीडिया, कला, संस्कृति, मनोरंजन, रोजगार, सरकार आदि को लेकर स्थानीय, राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर बतौर कंटेंट राइटर-एडिटर सक्रिय हैं।

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