
इस्लामपुर (नालंदा दर्पण)। इस्लामपुर प्रखंड के निजी पूजा सेवा सदन एवं प्रसव केंद्र में घनी बिगहा गांव की महिला सुमन देवी की ऑपरेशन के दौरान कथित चिकित्सीय लापरवाही से हुई मौत के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील करने का आदेश जारी कर दिया गया है।
हिलसा अनुमंडल कार्यालय द्वारा 6 अगस्त 2026 को जारी गोपनीय पत्र के अनुसार नालंदा जिला पदाधिकारी के निर्देश पर गठित जांच समिति ने 5 अगस्त को हिलसा एसडीओ, एसडीपीओ तथा सिविल सर्जन की संयुक्त टीम के साथ अस्पताल का निरीक्षण किया। लेकिन निरीक्षण के समय अस्पताल बंद मिला और वहां अस्पताल का कोई अधिकृत प्रतिनिधि मौजूद नहीं था। ऐसे में जांच टीम आवश्यक जांच पूरी नहीं कर सकी।
जांच के दौरान सिविल सर्जन ने यह भी स्पष्ट किया कि संबंधित अस्पताल अथवा प्रसव केंद्र के संचालन के लिए उनके कार्यालय से कोई वैध अनुज्ञप्ति अथवा पंजीकरण जारी नहीं किया गया है। इसी आधार पर जांच की निष्पक्षता, जनहित और उपलब्ध साक्ष्यों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए अस्पताल परिसर को तत्काल सीलबंद करने का निर्णय लिया गया।
एसडीओ के आदेश में इस्लामपुर प्रखंड विकास पदाधिकारी और थानाध्यक्ष को संयुक्त रूप से सीलिंग की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। आदेश में कहा गया है कि सीलिंग की पूरी प्रक्रिया का पंचनामा तैयार किया जाए, दो स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित हो, अस्पताल के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर विधिवत सील एवं नोटिस चस्पा किए जाएं तथा संपूर्ण कार्रवाई की फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई जाए। कार्रवाई पूरी होने के बाद विस्तृत प्रतिवेदन अनुमंडल कार्यालय को उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया है।
गौरतलब है कि घनी बिगहा गांव की सुमन देवी की ऑपरेशन के दौरान हुई मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए थे। घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया था। अब अस्पताल सील किए जाने की कार्रवाई ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। आगे की जांच रिपोर्ट और प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की निगाहें टिकी हैं।






