नगरनौसा में 7.471 किलो गांजा बरामद, 3.70 लाख नकद समेत तीन गिरफ्तार
गोदाम में चोकर के बोरे के बीच छिपाकर रखा गया था गांजा, पुलिस ने दो बाइक और ऑल्टो कार भी जब्त की

नगरनौसा (नालंदा दर्पण)। नगरनौसा थाना क्षेत्र में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक गोदाम से 7 किलो 471 ग्राम गांजा बरामद किया है। पुलिस ने मौके से 3 लाख 70 हजार रुपये नकद, दो बाइक और एक ऑल्टो कार भी जब्त की है। मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की बात पुलिस ने कही है।
मामले की जानकारी देते हुए एएसपी रंजन कुमार ने बताया कि पुलिस को गांजा की खरीद-बिक्री और तस्करी से संबंधित गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के सत्यापन के बाद एसडीपीओ-1 के नेतृत्व में नगरनौसा थाना क्षेत्र स्थित कंचन भवन गोदाम में छापेमारी की गई।
पुलिस के अनुसार तलाशी के दौरान गोदाम में रखे चोकर के बोरे में छिपाकर रखा गया 7 किलो 471 ग्राम गांजा बरामद हुआ। इसके अलावा एक थैले से 3 लाख 70 हजार रुपये नकद भी मिले। पुलिस ने इसे गांजा की खरीद-बिक्री से जुड़ी रकम होने का दावा किया है।
छापेमारी के दौरान संजय श्रीवास्तव और दीनानाथ प्रसाद के पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। वहीं गोदाम के बाहर से कथित रूप से गांजा की बिक्री में इस्तेमाल की जाने वाली दो बाइक भी जब्त की गईं। दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस को मामले में कथित सहयोगी की जानकारी मिली।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के आधार पर प्रेमन बिगहा गांव निवासी सुबोध कुमार को भी पकड़ा गया और उसके पास से तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक ऑल्टो कार बरामद की गई।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
एएसपी के अनुसार मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर तीनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस अब बरामद गांजा, नकदी, वाहनों और मोबाइल फोन के आधार पर कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
छापेमारी टीम में नगरनौसा थानाध्यक्ष शशिरंजन कुमार मिश्रा, पुअनि संदीप कुमार, सुदेश्वर राय समेत सिपाही रमेश कुमार, सरस्वती कुमारी, रुकसार खातून, दिनेश कुमार, अनिकेत कुमार, शिवम कुमार, मनीष कुमार, संजीव कुमार और पूनम कुमारी शामिल थीं।
खास बात यह रही कि पुलिस ने गांजा को खुले तौर पर रखने के बजाय चोकर के बोरे में छिपाकर रखे जाने का दावा किया है। बरामद नकदी और तीन वाहनों ने कार्रवाई को और महत्वपूर्ण बना दिया है। हालांकि बरामद सामान और उससे जुड़े आरोपों को लेकर अंतिम स्थिति जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।






