
पटना (नालंदा दर्पण)। ऑनलाइन शॉपिंग के दौर में फ्लिपकार्ट (Flipkart) की डिलीवरी गाड़ी ग्राहक के दरवाजे तक सामान पहुंचाने के लिए निकलती थी, लेकिन रास्ते में ही कुछ लोगों के लिए वह चलता-फिरता गोदाम बन जाती थी। पटना में एसटीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने ऐसे ही एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो डिलीवरी वाहनों से महंगे सामान उड़ाने के खेल में जुटा था।
पुलिस ने नौबतपुर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर पांच आरोपितों नालंदा के चंडी निवासी विपिन कुमार, सिगोड़ी निवासी रूपेश कुमार पासवान, चंडी निवासी चितरंजन यादव, एकंगरसराय निवासी सत्येंद्र कुमार तथा जहानाबाद के घोसी निवासी विजय कुमार को गिरफ्तार किया। तलाशी में इनके पास से चोरी के 13 मोबाइल, एक लैपटॉप और एक कार बरामद की गयी।
पुलिस की पूछताछ में कहानी का असली कनेक्शन सामने आया। आरोप है कि गिरोह फ्लिपकार्ट के मालवाहक वाहनों के ड्राइवरों से सांठ-गांठ करता था। ड्राइवरों की मदद से गाड़ियों को रास्ते में सुनसान स्थानों पर रुकवाया जाता और मौका मिलते ही मोबाइल-लैपटॉप जैसे महंगे सामान पर हाथ साफ कर दिया जाता था। यानी ग्राहक ऑनलाइन ऑर्डर प्लेस करता था और गिरोह रास्ते में ही अपना ऑर्डर पूरा कर देता था!
चोरी का माल खपाने वाला दुकानदार भी गिरफ्तार
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों की निशानदेही पर नालंदा के हिलसा बाजार स्थित मां इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान पर भी कार्रवाई की। दुकान के मालिक रवि कुमार को गिरफ्तार किया गया। रवि नालंदा के तेलहंडा थाना क्षेत्र के बरसियावां मोहम्मदपुर का निवासी बताया गया है।
उसकी दुकान से चोरी के चार सील बंद मोबाइल बरामद किये गये। इस तरह पुलिस के हाथ कुल 17 मोबाइल, एक लैपटॉप और एक कार लगी है।
मामले ने यह भी सवाल खड़ा कर दिया है कि ऑनलाइन डिलीवरी की चमक-दमक के पीछे सामान की सुरक्षित आवाजाही पर निगरानी कितनी मजबूत है। ग्राहक मोबाइल की डिलीवरी का इंतजार करता रहा और कथित गिरोह के सदस्य रास्ते में ही मोबाइल का ‘भविष्य’ तय करने में लगे थे।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार आरोपितों के अन्य आपराधिक इतिहास और गिरोह से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। जांच आगे बढ़ने पर यह भी साफ होने की उम्मीद है कि इस नेटवर्क में कितने ड्राइवर और अन्य लोग शामिल थे तथा चोरी का माल कितने समय से खपाया जा रहा था।
फिलहाल तस्वीर इतनी साफ है कि ऑनलाइन शॉपिंग में डिलीवरी बॉय का इंतजार ग्राहक कर रहा था, लेकिन माल पर नजर किसी और की थी। अब पुलिस की नजर उन तमाम कड़ियों पर है, जिनसे यह कथित डिलीवरी डकैती का नेटवर्क चलता था।
- खुदागंज थाना पुलिस ने फरार आरोपियों के घर ढोल बजाकर चिपकाया इश्तेहार
- MDM में नमक की जगह सर्फ डाला, 35 बच्चे बीमार, मचा हड़कंप
- चंडी मुहाने नदी किनारे मिला शव युवक या वृद्ध का? जांच में उलझी पुलिस
- एकंगरसराय में पंचायत समिति सदस्य की गोली मारकर हत्या
- इस्लामपुर में पूजा सेवा सदन सील, महिला की मौत के बाद प्रशासन की बड़ी कार्रवाई






