
कतरीसराय (नालंदा दर्पण)। शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले विद्यालयों के आसपास यदि असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगे और आए दिन मारपीट की घटनाएं होने लगें, तो इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और सुरक्षा पर पड़ना स्वाभाविक है। कुछ ऐसी ही स्थिति इन दिनों नालंदा जिले के कतरीसराय प्रखंड में देखने को मिल रही है। यहां के दो प्रमुख उच्च माध्यमिक विद्यालयों के आसपास बाहरी युवकों की बढ़ती आवाजाही और गुटीय संघर्ष ने शैक्षणिक माहौल को चिंताजनक बना दिया है।
प्रखंड के टेक नारायण प्लस टू विद्यालय, बादी और गोवर्धन बिगहा स्थित प्लस टू मॉडल विद्यालय के आसपास इन दिनों असामाजिक तत्वों का जमावड़ा परेशानी का सबब बना हुआ है। खास बात यह है कि टेक नारायण प्लस टू विद्यालय के साथ ही सरकार की उच्च शिक्षा संबंधी परिकल्पना को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से राजकीय डिग्री महाविद्यालय भी संचालित है। वहीं, गोवर्धन बिगहा का प्लस टू विद्यालय प्रखंड का एकमात्र मॉडल विद्यालय है। ऐसे महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थानों के आसपास असामाजिक गतिविधियों का बढ़ना शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों की सुरक्षा, दोनों के लिहाज से गंभीर चिंता का विषय है।
वर्चस्व की लड़ाई में स्कूलों के आसपास हो रही मारपीट
स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, क्षेत्र में अपना वर्चस्व कायम करने को लेकर युवकों के दो गुटों के बीच अक्सर विवाद और मारपीट की घटनाएं होती रहती हैं। इसका असर अब विद्यालयों के आसपास के माहौल पर भी दिखाई देने लगा है। पिछले दिनों गोवर्धन बिगहा मॉडल विद्यालय के समीप दो पक्षों के बीच हुई मारपीट की घटना को लेकर घायल पक्ष की ओर से स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
वहीं, पिछले सोमवार को टेक नारायण प्लस टू विद्यालय परिसर के समीप भी दो गुटों के बीच जमकर मारपीट हुई। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने विद्यालय अवधि में बाहरी युवकों की मौजूदगी और उनकी गतिविधियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छात्राओं में असुरक्षा, अभिभावकों की भी बढ़ी चिंता
विद्यालयों के आसपास होने वाले विवाद और मारपीट का सबसे अधिक असर छात्र-छात्राओं पर पड़ रहा है। खासकर छात्राएं इस माहौल में खुद को असुरक्षित और असहज महसूस कर रही हैं। विद्यालय आने-जाने के दौरान किसी अप्रिय घटना की आशंका को लेकर उनमें भय बना हुआ है। दूसरी ओर, अभिभावक भी अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। शिक्षकों और शिक्षिकाओं के लिए भी विद्यालय परिसर के आसपास का माहौल असहज होता जा रहा है।
प्रधानाध्यापकों ने जताई चिंता, पुलिस से कार्रवाई की मांग
इस संबंध में गोवर्धन बिगहा मॉडल विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजय कुमार वर्मा और टेक नारायण प्लस टू विद्यालय के प्रधानाध्यापक विजय चौधरी ने बताया कि शिक्षण संस्थानों के आसपास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा और आए दिन होने वाली मारपीट की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं। इससे न केवल छात्र-छात्राओं, बल्कि विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं में भी असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है।
दोनों विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने पुलिस प्रशासन से इस मामले में गंभीरता से पहल करने की जरूरत बताई है। उनकी मांग है कि विद्यालय अवधि में शिक्षण संस्थानों के आसपास बाहरी युवकों के अनावश्यक जमावड़े पर रोक लगाई जाए और जरूरत के अनुसार पुलिस निगरानी बढ़ाई जाए।
अब पुलिस प्रशासन की पहल का इंतजार
कतरीसराय के इन दोनों महत्वपूर्ण शिक्षण संस्थानों के आसपास लगातार बन रहे तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस प्रशासन की सक्रियता जरूरी मानी जा रही है। स्थानीय लोगों और विद्यालय प्रबंधन की अपेक्षा है कि समय रहते ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि विद्यालय परिसर शिक्षा का केंद्र बना रहे, न कि आपसी रंजिश और गुटीय संघर्ष का अड्डा। छात्र-छात्राएं बिना किसी भय के विद्यालय आ सकें और शिक्षक भी पूरी सुरक्षा के साथ अपने शैक्षणिक दायित्वों का निर्वहन कर सकें।






