नालंदा के स्कूलों में अब मोबाइल इस्तेमाल पर सख्ती! शिक्षकों को फोन जमा करने का निर्देश
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी के पत्र में विद्यालय अवधि के दौरान निजी काम के लिए मोबाइल इस्तेमाल नहीं करने, फोन प्रधानाध्यापक को सौंपने और निर्देशों का पालन नहीं करने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

बिहारशरीफ (नालंदा दर्पण)। नालंदा। जिले के सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने और शिक्षकों की पढ़ाई के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विद्यालय अवधि के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। 28 अक्टूबर 2026 की तारीख वाले एक विभागीय पत्र में शिक्षकों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वे विद्यालय संचालन की अवधि में अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल निजी कार्यों के लिए नहीं करें।
जिला शिक्षा पदाधिकारी, नालंदा के कार्यालय की स्थापना शाखा से जारी पत्र में विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, प्रभारी प्रधानाध्यापकों, प्रधान शिक्षकों तथा विभिन्न श्रेणियों के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को संबोधित किया गया है। पत्र में विद्यालय निरीक्षण और अन्य स्रोतों से प्राप्त जानकारी का हवाला देते हुए कहा गया है कि विद्यालय अवधि में कुछ शिक्षक अपनी निजी इच्छा के अनुसार मोबाइल फोन चलाते हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई और शैक्षणिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
मोबाइल में व्यस्त शिक्षक, पढ़ाई से भटकते बच्चे!
विभागीय पत्र में चिंता जताई गई है कि शिक्षकों के मोबाइल फोन में व्यस्त रहने के दौरान बच्चों के पठन-पाठन पर समुचित ध्यान नहीं दिया जाता। इसके परिणामस्वरूप विद्यालयों में शैक्षणिक माहौल कमजोर होने, बच्चों के अनियंत्रित रूप से घूमने और अनुशासनहीनता बढ़ने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।
निर्देश में कहा गया है कि विद्यालय में शिक्षक की प्राथमिक जिम्मेदारी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना और अनुशासित वातावरण बनाए रखना है। ऐसे में विद्यालय अवधि के दौरान निजी मोबाइल इस्तेमाल से शिक्षण कार्य प्रभावित होना गंभीर विषय है।
शिक्षकों के लिए जारी किए गए चार प्रमुख निर्देश
- विद्यालय संचालन की अवधि में शिक्षक अपने मोबाइल फोन का उपयोग निजी कार्यों के लिए नहीं करेंगे।
- शिक्षकों को अपना मोबाइल फोन प्रधानाध्यापक अथवा प्रधान शिक्षक को सौंपने का निर्देश दिया गया है।
- आवश्यकतानुसार प्रधानाध्यापक या प्रधान शिक्षक संबंधित शिक्षक को मोबाइल उपलब्ध कराएंगे।
- विद्यालय अवधि के दौरान शिक्षक अपने संस्थान को बिना अनुमति नहीं छोड़ेंगे।
आदेश की अनदेखी पर होगी विभागीय कार्रवाई
पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि किसी शिक्षक द्वारा जारी निर्देशों का अनुपालन नहीं किया जाता है, तो उनके विरुद्ध विभागीय प्रावधानों के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। इस निर्देश का उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को सुचारु बनाना, शिक्षकों की उपस्थिति के दौरान उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना और विद्यार्थियों के लिए अनुशासित शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है।
अब विद्यालयों में जवाबदेही पर रहेगा जोर
शिक्षा व्यवस्था में मोबाइल फोन का उपयोग कई बार जरूरी भी हो सकता है, लेकिन निजी उपयोग के कारण कक्षा में पढ़ाई प्रभावित होना चिंता का विषय है। ऐसे में नालंदा में जारी यह निर्देश शिक्षकों की जिम्मेदारी और विद्यार्थियों के हित के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है।
हालांकि, विभागीय पत्र में मोबाइल फोन जमा कराने और जरूरत के अनुसार वापस उपलब्ध कराने की व्यवस्था का उल्लेख है, इसलिए इसे मोबाइल के पूर्ण प्रतिबंध के बजाय विद्यालय अवधि में उसके निजी इस्तेमाल पर नियंत्रण से जुड़े निर्देश के रूप में समझना अधिक उचित होगा।






